इतिहास में पहली बार आरएसएस के किसी व्यक्ति का भारत का राष्ट्रपति बनना तय




सोमवार शाम को 99% वोटिंग के साथ भारत के अगले राष्ट्रपति का मतदान समाप्त हो गया। 776 सांसदों में से, 771 ने अपने अपने उम्मीदवार के लिए मतदान किया। अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, गुजरात, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, उत्तराखंड और पुडुचेरी में शत प्रतिशत मतदान दर्ज किए जाने की पुष्टि की गयी।

एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामकोविन्द, जो बिहार के राज्यपाल और आरएसएस चहेते रहे हैं का  भारत का अगला राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। भाजपा सहित एनडीए के लगभग 47 पार्टियों ने मिलकर उके समर्थन में 65% से अधिक वोट किया है। यूपीए के जद (यू) और एनसीपी के दो प्रमुख मित्रों ने राम कोविंद को ही वोट दिया है, हालांकि दोनों पार्टियां यूपीए में आधिकारिक रूप से अभी भी हैं। यूपीए के उम्मीदवार मीरा कुमार को 17 पार्टियों ने वोट दिया है, जिसमें वे विपक्षी दल भी शामिल हैं, जो 2016 के लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन के हिस्सा नहीं रहे हैं।

रामनाथ कोविंद ने कभी भी कोई चुनाव नहीं जीता, हालांकि वह उत्तर प्रदेश के दो विधानसभा से चुनाव लड़े, लेकिन भारी मतों से हार गए। इसके बाद उन्हें भाजपा ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजा और वहां वह 12 साल के लिए लगातार दो कार्यकाल तक सदस्य बने रहे। एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार बनने से पहले वह बिहार के राज्यपाल थे। बिहार के गवर्नर के तौर पर नीतीश कुमार के साथ उनके संबंध अच्छे रहे जो उनके राष्ट्रपति चुनाव में कुमार के समर्थन का संभवतः मुख्य कारण रहा।

बिहार के राज्यपाल के रूप में, उनके कई कामों की प्रशंसा की गयी जिनमें विश्वविद्यालयों में अयोग्य शिक्षकों को प्रोन्नति देने, धन के गलत प्रबंधन और अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति में अनियमितताओं की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन प्रमुख रूप से सम्मिलित है।

वोटों की गणना 20 जुलाई को होगी और उसी दिन चीजें और स्पष्ट होगी।

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2 Comments

  1. आपने लेख को ही इस पोर्टल पर पढ़ कर टिपण्णी दे रहा हूँ . आप काफी पठनीय ढंग से लेख को प्रेजेंट करते हैं. इसलिए आपके लिए लिखने की कोशिश जरूर करूंगा.

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