केरल में आदिवासी युवक की हत्या में 11 गिरफ्तार




त्रिशूर (केरल), 24 फरवरी, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) | मानसिक रूप से अस्वस्थ जनजाति समुदाय के 27 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में केरल पुलिस ने शनिवार को नौ और लोगों को गिरफ्तार किया। युवक को पलक्कड़ के पास जंगल में भीड़ ने बेरहमी से पीटकर उसकी हत्या कर दी थी।



पुलिस महानिरीक्षक एम. आर. अजितकुमार ने बताया कि मामले में चार और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। गुरुवार शाम हुई घटना के सिलसिले में पुलिस ने अबतक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो लोगों को शुक्रवार को और नौ लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। आठ लोगों पर हत्या का आरोप है।

मामले की जांच की अगुवाई कर रहे अजितकुमार ने मीडिया को बताया कि सभी 11 आरोपी पुलिस हिरासत में हैं।

अजितकुमार ने बताया कि मधु के शव की पोस्टमार्टम रपट के अनुसार सिर में चोट लगने से उसकी मौत हुई। मुजरिमों को हत्या और अवैध रूप से बंधक बनाने समेत भारतीय दंड संहिता और वन कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी ठहराया गया है।

पोस्टमार्टम में पता चला है कि गंभीर रूप से आंतरिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई।

पलक्कड़ के पास जंगल में भीड़ में शामिल लोगों ने गुरुवार शाम मधु पर हमला कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, जिसके बाद थाने में उसकी मौत हो गई। पोस्टपार्टम के बाद शनिवार को उसका शव पलक्कड़ जिला स्थित उसके घर अगाली ले जाया गया।

मधु की बहन चंद्रिका ने वन विभाग के अधिकारियों पर कर्तव्यों के पालन में विफल रहने का आरोप लगाया है।

चंद्रिका ने बताया, “मधु जंगल के बीच एक गुफा में रहता था और वहां वही लोग जा सकते थे, जिन्हें वहां जाने की इजाजत होती थी। हम इस बात से हैरान हैं कि लोगों का यह जत्था कैसे जंगल में घुसा और लोगों ने उसकी पिटाई की।”

चंद्रिका ने बताया कि उसे पीटने के बाद जंगल से थाने ले जाया गया। वह रास्ते में चल भी नहीं पाता था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर और विजयन सरकार में हलचल पैदा हो गई।

उन्होंने बताया कि मधु ने जब पानी मांगा तो लोगों ने उसे चिढ़ाते हुए कुछ बूंद पानी उसे दिया और सारा पानी हंसते हुए जमीन पर गिरा दिया। जख्मी मधु चलने में असमर्थ था, लेकिन वन विभाग की जीप उसके पीछे चल रही थी।

मृतक की मां के अनुसार, लोगों ने चोरी का इल्जाम लगाते हुए मधु के हाथ उसकी धोती से बांध दिए और उसकी पिटाई की। पूरे प्रकरण का मोबाइल फोन पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया, जिससे समूह में शामिल लोगों की बर्बरता को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है।

वनमंत्री पी. राजू ने पत्रकारों से कहा कि चंद्रिका की ओर से उठाए गए सवाल की वह जांच करवाएंगे और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसी जिले से आने वाले अनुसूचित जाति व जनजाति राज्यमंत्री ए. के. बालन रविवार को जनजाति समुदाय के इस गांव का दौरा करेंगे।

-आईएएनएस

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