2000 और 200 के नोटों का उतरा रंग, लगा शिकायतों का अम्बार




दो हजार का नोट जारी हुए करीब दो साल से ज्यादा हो गए हैं। इन्ही दो सालों में नए नोटों को लेकर देश भर में शिकायत आनी शुरू है। 2000 और 200 के नोटों का भी रंग उतरने, कटने-फटने के बाद कई शहरों में शिकायतें आई थीं कि बैंक इन्हें बदल नहीं रहे हैं।

वही बैंकों का कहना है कि उनके पास आरबीआई से इसकी इजाजत ही नहीं है। इससे छोटी पूंजी से लेकर बड़ा कारोबार करने वाले भी परेशानी झेल रहे थे। हालांकि इस मामले में बैंक भी अपने रूल्स की दुहाई देते नज़र आ रहे हैं। बैंक भी कानून न होने की वजह से लोगों के नोट नहीं बदल पा रहे हैं।



दो हजार रुपये के नोट नवंबर 2016 को नोटबंदी लागू होने के बाद जारी किए गए थे, जबकि 200 रुपये का नोट सितंबर 2017 के बाद जारी हुआ है। देश भर में बड़ी तादाद में लोग इस बात को लेकर काफी परेशान हैं कि नोट नहीं बदले जा रहे हैं।

दरअसल नोट बदलने का कानून आरबीआई एक्ट की धारा 28 के अंतर्गत आता है। इसमें नोटबंदी के पहले जैसे ही कटे फटे या गंदे नोट बदलने की इजाजत थी। नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने अब तक इसमें कोई भी संशोधन नहीं किया था। अब नए मसौदे में संशोधन कर 200 और 2000 रुपये के नोट बदलने के प्रावधान को जोड़ दिया गया है।

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