कहीं महागठबंधन में भी सीट शेयरिंग का 20-20 फॉर्मूला तो नहीं लागू…?




2019 लोकसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में भी सीट शेयरिंग के 20-20 फॉर्मूले पर बात बात चलनी शुरू हो चुकी है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बार के चुनाव में आरजेडी खुद 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बाकी 20 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ेगी.

हालांकि सबकी नज़र उपेंद्र कुशवाहा पर तिकी है. अगर वो एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आते हैं तो कांग्रेस के सीटों की संख्या घट सकती है. हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए इस बार सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने में राजनीतिक पार्टियां यक़ीन कर रही हैं.

पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में 31 सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमाया था. तब बीजेपी से अलग हो चुकी जेडीयू को दो, आरजेडी को चार, एनसीपी को एक और कांग्रेस को दो सीटों से संतोष करना पड़ा था.

इस बार पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल और तीन वामपंथी पार्टियां- भाकपा, माकपा और भाकपा-माले- भी महागठबंधन का हिस्सा होंगी. वहीँ सपा और बसपा को भी एक-एक सीट मिल सकती है. सपा से देवेंद्र यादव झंझारपुर से किस्मत आजमा सकते हैं.

मौजूदा 20-20 फॉर्मूले के मुताबिक सीटों का बंटवारा इस तरह हो सकता है. अगर आखिरी वक्त पर कुशवाहा तेजस्वी से हाथ मिलाते हैं तो कांग्रेस के खाते से दो सीटें कम हो सकती हैं.

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