माल्या, नीरव और चौकसी ही नहीं हाल के दिनों में आपराधिक मामले वाले 36 व्यापारी भारत से भागे: प्रवर्तन निदेशालय




विजय माल्या (साभार: ट्विटर)

एक चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन में, प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने, सोमवार 15 अप्रैल को, अदालत को कहा कि 36 व्यापारियों ने हाल के दिनों में देश छोड़ा है। ED ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी चॉपर्स घोटाले में गिरफ्तार कथित रक्षा एजेंट सुषेन मोहन गुप्ता (Sushen Mohan Gupta) की जमानत याचिका के विरोध में ऐसा कहा। द क्विंट के अनुसार ईडी ने कहा, “जिस तरह से 36 व्यापारी देश से भाग निकले जिन पर आपराधिक मामले थे इसे डर है कि यह भी न निकल भागे।”

प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार को बताया कि विजय माल्या और नीरव मोदी सहित 36 कारोबारी हाल के दिनों में देश से भाग चुके हैं।

जांच एजेंसी के विशेष सरकारी वकील डीपी सिंह और एनके मट्ट ने सुषेन के दावे कि समाज में उनकी जड़ें गहरी हैं को नकारते हुए कहा कि “माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और सैंडेसरा (Sandesara) भाइयों (Sterling Biotech Ltd promoters) की जड़ें समाज में ज्यादा गहरी थीं फिर भी वे देश छोड़कर भाग गए। ऐसे 36 व्यवसायी हैं जो पिछले कुछ वर्षों में देश से भाग चुके हैं।

तर्क के दौरान, ईडी के वकील सामवेद वर्मा ने अदालत को बताया कि जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुषेन की डायरी में “RG” किसे कहा गया है।

वर्मा ने गुप्ता पर मामले में गवाहों को प्रभावित करने का भी आरोप लगाया और अदालत को बताया कि उन्होंने इस मामले में सबूतों को नष्ट करने की भी कोशिश की।

अदालत ने गुप्ता की जमानत याचिका पर 20 अप्रैल के लिए आदेश सुरक्षित रखा है।

गुप्ता ने इस आधार पर राहत मांगी है कि एजेंसी ने पहले ही जांच पूरी कर ली है और मामले में आरोप पत्र दायर किया जा चुका है।

अपनी जमानत अर्जी में, आरोपी ने अदालत को बताया कि ईडी (ED) का यह तर्क की वह भाग सकते हैं को उनकी पिछली गतिविधियों को देखते हुए खारिज किया जा सकता है. आरोपी ने कहा कि जब जब उन्हें बुलाया गया वह जांच में शामिल हुए हैं।

गुप्ता को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एजेंसी ने गिरफ्तार किया था।

ईडी के अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में गुप्ता की भूमिका राजीव सक्सेना द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर सामने आई है, जिन्हें यूएई से निकाले जाने के बाद यहां एजेंसी ने गिरफ्तार किया था. सक्सेना इस मामले में अनुमोदक (approver) हैं।

यह संदेह है कि गुप्ता के पास अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के 3,600 करोड़ रुपये के खरीद सौदे में किए गए भुगतान के विवरण मौजूद है और उस लिंक को जानना है, उन्होंने कहा।

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