मुजफ्फरपुर शेल्टर होम काण्ड की पांच गवाह लड़कियों समेत सात मोकामा शेल्टर होम से गायब




बिहार को पूरे देश में शर्मसार करने वाली घटना मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण काण्ड से जुडी एक खबर ने एक बार फिर बिहार में भयंकर शासनिक और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है. मुजफ्फरपुर शेल्टर होम काण्ड के उजागर होने के बाद कोर्ट के आदेश से लड़कियों को विभिन्न शेल्टर होम में ट्रान्सफर किया गया था. इनमें 34 पीड़िताओं में से 14 लड़कियों को मोकामा शेल्टर होम में ट्रांसफ़र किया गया था जबकि 10 को मधुबनी और बाक़ी बची अन्य लड़कियों को पटना शेल्टर होम भेज दिया गया था.

मुजफ्फरपुर की 14 लड़कियों को मोकामा के नाजरथ अस्पताल स्थित शेल्टर होम भेजा गया था. इनमें जिन पांच लड़कियों का बयान कोर्ट में दर्ज हुआ था वो शेल्टर होम से गायब हैं. उनके साथ ही उस शेल्टर होम की दो संवासिन और भी गायब पाई गयी हैं.

गायब 7 में से 5 ने इस काण्ड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के खिलाफ कोर्ट में गवाही दे चुकी हैं. ब्रजेश मुजफ्फरपुर में एक समाचारपत्र चलाता था और सत्ता के साथ उसकी नजदीकी थी. उसी के बयान पर समाज कल्याण मंत्री के पति पर एफ़आईआर दर्ज की गयी थी और बाद में खुद मंजू वर्मा को भी जेल जाना पड़ा. मंजू वर्मा कई दिनों तक छिप कर पुलिस से भागती रहीं.

बता दें कि हाल ही में मुज़फ़्फ़रपुर की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं अन्य के विरुद्ध सीबीआई को जाँच का आदेश दिया था।

पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि के अनुसार, ‘ग़ुमशुदगी का एक मामला मोकामा थाने में दर्ज कर ग़ायब लड़कियों की तलाश की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार तड़के लगभग 3.30 बजे लड़कियाँ ग्रिल काट कर ग़ायब हो गईं। सूत्रों के मुताबिक़, लड़कियों के ग़ायब होने की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसको लेकर कई ट्वीट किया है.

इतना संवेदनशील मामले में लड़कियों का गायब होना चाहे लड़कियां खुद ही क्यों न भागी हों निंदनीय है. ऊपर से गवाहों का गायब हो जाना सत्ता की मंशा पर भी शक ज़ाहिर करता है.

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