टेलीकॉम कंपनियों की गुहार पर कानून में संशोधन




नई दिल्ली : 3 महीने पहले सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर ऐतिहासिक फैसला दिया था लेकिन केंद्र सरकार दूरसंचार कंपनियों की गुहार पर इस संबंध में कानून में संशोधन करने जा रही है.

सरकार ने मोबाइल नंबर तथा बैंक खातों को बायोमीट्रिक पहचान वाले आधार कार्ड से स्वैच्छिक रूप से जोड़ने को कानूनी रूप प्रदान करने के लिए इससे संबंधित दो कानूनों में संशोधन के लिए संसद में विधेयक लाने के प्रस्तावों को सोमवार को मंजूरी दी.

नया मोबाइल नंबर लेने या बैंक खाता खोलने के लिए ग्राहक स्वेच्छा से 12 अंकों वाली आधार संख्या को साझा कर सकें. उच्चतम न्यायालय ने आधार अधिनियम की धारा 57 को निरस्त कर दिया था. यह धारा सिम तथा बैंक खाता के साथ आधार को जोड़ना अनिवार्य बनाती थी.



दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आधार एक्ट की धारा 57 को ही खारिज कर दिया था. इस कानून के तहत पहले सिम कार्ड और बैंक खाते के साथ आधार को जोड़ना अनिवार्य था. कोर्ट के फैसले से पहले ग्राहकों को अपने मोबाइल नंबर से आधार को जोड़ना पड़ता था. जाहिर है कि टेलीकॉम कंपनियों की गुहार पर अब सरकार इस कानून में ही संशोधन करने जा रही है.

(इनपुट – एजेंसी)

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