गृह मंत्री अमित शाह के लिए हैदराबाद का नगर निगम चुनाव किसानों के दर्द से ज़्यादा ज़रूरी: आम आदमी पार्टी




अमित शाह और संजय सिंह (दाएं)

तीन नए कृषि कानूनों (Farmers Bill 2020) के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन (Farmers Protest) का आज चौथा दिन है. भाजपा की साथ अकली दल से लेकर बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने भी किसानों का समर्थन करना शुरू कर दिया.

गृह मंत्री अमित शाह को अब नेताओं ने भी खुल कर निशाना बनाना शुरू कर दिया है.

आज आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने किसानों से बातचीत छोड़कर अमित शाह के हैदराबाद जाकर निगम चुनाव का प्रचार करने पर कड़ी टिप्पणी की है.

“ऐसे समय में जब देश का लाखों किसान आंसू गैस के गोले, लाठियां, पानी की बौछारें बर्दाश्त करके दिल्ली की सीमा पर पहुँचा है, रास्ते में सड़कें खुदवा दी गयीं, रास्ते में उन्हें पीटा गया, हम इन सब की हृदयविदारक तस्वीरें देख रहे हैं, ऐसे में देश के गृह मंत्री ने कल नौटंकी करते हुए कहा कि हम किसानों से बात चीत करने के लिए तैयार हैं लेकिन साथ ही उनहोंने इसके साथ शर्त रखी कि पहले वह बुराड़ी मैदान में आएं तब हम बात चीत करेंगे,” संजय सिंह ने वीडियो ट्वीट में कहा.

“जब उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पूरे देश का लाखों किसान आन्दोलनरत है, दिल्ली बॉर्डर पर जमा है. ऐसे में इन्हें बेसहारा छोड़कर करके देश के गृह मंत्री हैदराबाद सैर करने चले गए. निगम के चुनाव प्रचार में चले गए,” सिंह ने कहा.

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने भाजपा के नेतओं से पूछा कि भारतीय जनता पार्टी को निगम का चुनाव प्रचार ज़रूरी है, देश के गृह मंत्री को निगम का चुनाव प्राचर ज़रूरी है, लेकिन देश के करोड़ों किसानों की व्यथा, परेशानी, पीड़ा, समस्या ज़रूरी नहीं है. उनसे बातचीत करना ज़रूरी नहीं है.

उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद आज तक मैंने इतना गैर ज़िम्मेदार और असंवेदनशील गृह मंत्रो नहीं देख जो ऐसे वक्त में किसानों को बेसहारा छोड़ कर नगर निगम चुनाव में लगा हुआ है.

“ऐसे समय में मैं एक ही बात कह सकता हूँ कि जिस तरह से मन की बात में आज मोदी जी ने इस बिल के बारे में कहा है कि यह ऐतिहासिक बिल है, यह अच्छा बिल है इससे केंद्र सरकार की मंशा साफ़ हो गयी है कि वह किसानों की समस्य के प्रति बिलकुल संवेदनशील नही है,” उन्होंने कहा.

“स्पष्ट है कि देश के गृह मंत्री और देश की सरकार किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. उनको लाठियों से पीट रहे है, उनपर पानी छोड़ रहे है, उनके ऊपर आंसू के गोले छोड़ रहे है. उनको आतंकवादी कह रही है. उनको गुंडा कह कर अपमानित कर रही है. समय आने पर किसान इसका जवाब देंगे.

ज्ञात रहे कि हाल में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए किसानी से संबंधित तीन विधेयकों के खिलाफ देश के कई राज्यों से लगभग 500 किसान संगठनों के प्रतनिधि और लाखों किसानों को 26 नवम्बर को दिल्ली पहुँचने वाले थे. बड़ी कठिनाइयों के बावजूद वे दिल्ली तो पहुँच गए हैं लेकिन सरकार ने उनसे बात करने के लिए 3 दिसम्बर का समय दिया है और दिल्ली के बुराड़ी मैदान में जमा होने के कहा गया है.

किसानों को दिल्ली की सिंघु सीमा पर छोड़ कर प्रधानमंत्री देश के लेबोरेटरी घूम रहे हैं और अमित शाह आज नगर निगम चुनाव का प्रचार करने हैदराबाद गए हैं.

किसानों ने गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्ताव को खारिज़ कर दिया है. उनका कहना है कि सरकार शर्तें लगा रही है लेकिन हम शर्त नहीं मानेंगे. किसानों ने फैसला किया कि वे लोग फिलहाल बॉर्डर्स पर बैठे रहेंगे. तीन नए कृषि कानूनों (Farmers Bill 2020) के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन (Farmers Protest) का आज चौथा दिन है. आंदोलनरत किसान हरियाणा-दिल्ली की सीमा सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर ही डटे हुए हैं.

सात सदस्यीय किसानों की कमेटी में किसान नेता योगेंद्र यादव भी शामिल हैं.

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