7 पहले, अब 3 और पकडे गए नेवी अफसर पाकिस्तान की जासूसी करते, सबके सब कथित राष्ट्रवादी हिन्दू




देश से गद्दारी को लेकर अक्सर एक संप्रदाय विशेष को निशाना बनाया जाता है. पाकिस्तान से इस विशेष समुदाय का प्रेम स्थापित कर हमेशा इनसे राष्ट्रभक्ति का सबूत माँगा जाता है. दिल्ली के चुनाव में भाजपा के एक मंत्री ने “देश के गद्दारों को गोली मारो सालों को” जैसे नारा से देश में एक विशेष समुदाय के खिलाफ ज़हर फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ा था.

हालांकि जब जब देश के गद्दारों की पुष्ट खबर आई है तो देश के गद्दारों की सूची में इस विशेष समुदाय के लोगों की संलिप्तता के मामले कम ही नज़र आए हैं. जबकि आए दिन जिन लोगों के नाम पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हुए सामने आता है वह राष्ट्रभक्ति का प्रमाण मानने वाले लोगों में से ही होते हैं.

अभी पाकिस्तान को नौ सेना की संवेदनशील जानकारी देते हुए जिन लोगों का नाम आया है वह भी इस विशेष समुदाय से नहीं हैं. इनमें जो नाम इंडिया टुडे ने प्रकाशित किए हैं वे यह हैं: सन्नी कुमार (अलवर, राजस्थान), एसके दास (गोपालपुर, ओडिशा), एस कुमार शर्मा (उत्तर प्रदेश), अशोक कुमार (झुंझुन, राजस्थान), अशोक कुमार (जोधपुर, राजस्थान), वी कुमार (अलवर, राजस्थान) , सोमनाथ (पुणे, महाराष्ट्र). अशोक कुमार सिंह. इन्हें 20 दिसम्बर, 2019 को गिरफ्तार किया गया था.

अशोक कुमार (झुंझुन, राजस्थान), अशोक कुमार (जोधपुर, राजस्थान), वी कुमार (अलवर, राजस्थान) , सोमनाथ (पुणे, महाराष्ट्र) को कर्णाटक के कारवार कमांड (Karwar Command) से गिरफ्तार किया गया था जबकि अशोक कुमार सिंह मुंबई के सबमरीन पर तैनात थे.

सन्नी कुमार (अलवर, राजस्थान), एसके दास (गोपालपुर, ओडिशा) और एस कुमार शर्मा (उत्तर प्रदेश) को विशाखापट्नम के पूर्वी नवल कमांड से गिरफ्तार किया गया।

इन सात के अलावा, तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं जिनके नाम राजेश, लोकंडा और निरंजन हैं. इन्हें विशाखापट्नम के पूर्वी नवल कमांड (Eastern Naval Command) से गिरफ्तार किया गया है.

ऐसा कहा जा रहा है कि इन्हें फेसबुक और ऑनलाइन डेटिंग साइट्स के माध्यम से प्रेमजाल में फंसा कर पाकिस्तान के लिए जासूसी कराया जा रहा था.

मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने इस पर इस प्रकार प्रतिक्रिया दी है:

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