थम नहीं रहा तालिब हुसैन पर आरोपों का सिलसिला…




By TMC Staff-Reporter

तालिब हुसैन ये नाम मीडिया में कुछ वक़्त पहले तब आई जब कठुआ गैंगरेप में पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए आवाज उठाई थी। इसके बाद वो कई विरोध प्रदर्शनों में सबसे आगे आए थे।

इस मामले में एक नया पहलूँ तब आया जब सामाजिक कार्यकर्ता तालिब हुसैन पर ही बलात्कार का आरोप लग गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया।

इतना ही नहीं इन आरोपों के बाद एक बार फिर तालिब हुसैन पर जेएनयू की एक छात्र ने रेप का आरोप लगाया है। बीते हफ्ते फर्स्ट पोस्ट में एक आर्टिकल प्रकाशित हुआ था जिसमे इस आर्टिकल को लिखने वाली लेखिका का नाम प्रकाशित नहीं किया गया था।

इस आर्टिकल में कहा गया था कि ‘कठुआ गैंगरेप प्रोटेस्ट के सेंटर में रहे शख्स, जो अभी रेप के मामले में दो महीने जेल में रहने के बाद बेल पर बाहर आया है, उसने मेरे साथ रेप किया है।’ हुसैन की पत्नी की एक रिश्तेदार ने उन पर रेप के आरोप लगाए हैं।

फर्स्टपोस्ट के आर्टिकल में पीड़ित द्वारा ये लिखा गया कि जब हुसैन सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा लेने दिल्ली आए थे, तब उन्हें जेएनयू समेत दूसरी यूनिवर्सिटी में बोलने के लिए बुलाया गया था। इसके बाद भी वे जेएनयू आते रहे। इस दौरान उनकी पीड़ित से मुलाकात हुई थी।

हालांकि इससे पहले तालिब हुसैन पर पत्नी के साथ मारपीट और सांबा जिले की एक महिला के साथ रेप करने का आरोप भी लगा। इन आरोपों के बाद तालिब हुसैन के खिलाफ धारा 307, 382, 354 ए., 498 ए., 323, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा तालिब पर रेप की धाराएं भी लगाई गई थी जिसके बाद अब भी हालिया दिनों तालिब बेल पर रिहा हुए।



आपको बता दें कि तालिब के खिलाफ उनकी पत्नी पहले एफआईआर दर्ज करा चुकी थी। उनकी पत्नी नुसरत बेगम ने 28 जून को पुलिस में दी शिकायत आरोप लगाया कि दहेज के लिए तालिब उसका शारीरिक उत्पीड़न करता है।

इन सभी मामलों के बाद इंडियन एक्सप्रेस के प्रकाशित खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने एक पब्लिक स्टेटमेंट जारी किया। जिसके बाद हुसैन के मामले में पैरवी न करने का ऐलान किया है।

दरअसल देश भर में चले यौन उत्पीड़न के खिलाफ चल रहे #MeToo मूवमेंट के समर्थन में उन्होंने ऐसा न करने का फैसला बताया है। उन्होंने लिखा, ‘पीड़ित ने हांलाकि रेप करने वाले का नाम नहीं लिखा, लेकिन साफ है उसका इशारा तालिब हुसैन की ओर है।’ जयसिंह ने आगे लिखा, ‘कोई भी वकील केस लेने के बाद छोड़ता नहीं है, लेकिन आर्टिकल में लिखी बातें मेरे लिए केस से हटने के लिए काफी हैं।’

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