आतंक का आरोपी असीमानंद और अन्य तीन एनआईए कोर्ट से बरी




केसरिया चोले में असीमानंद (फ़ोटो साभार: ट्विटर)

समझौता ब्लास्ट केस में असीमानंद (Aseemanand) समेत चारों आरोपी को बरी कर दिया गया है. पंचकूला की विशेष एनआईए कोर्ट (NIA Court) ने सभी चारों आरोपी को इस मामले में बरी कर दिया. असीमानंद (Aseemanand) के अलावा लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी मामले को भी अदालत ने बरी कर दिया हैं. बता दें कि दिल्ली-लाहौर समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में 18 फरवरी 2007 को पानीपत के नजदीक दो बम विस्फोट हुए थे, जिनमें 70 लोग मारे गए थे और 12 अन्य घायल हुए थे. उनमें कुछ भारतीय और ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए के वकील राजन मल्होत्रा ने  कहा कि एजेंसी इस निणर्य को आगे चुनौती देगी.

इस घटना के बाद हरियाणा पुलिस ने एक मामला दर्ज किया था और जुलाई 2010 में जांच एनआईए को सौंप दी थी. नबा कुमार सरकार उर्फ असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी अदालत में पेश हुए थे, जबकि हमले के कथित षडयंत्रकर्ता सुनील जोशी की दिसंबर 2007 में मध्य प्रदेश के देवास जिले में उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. समझौता एक्सप्रेस को अटारी एक्सप्रेस भी कहा जाता है. सुनील जोशी मालेगांव ब्लास्ट में भी आरोपी था.

कौन है असीमानंद?

असीमानंद का असली नाम नबकुमार सरकार है. उसका जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली जिला में हुआ था. असीमानंद आरएसएस प्रचारक है.

समझौता एक्सप्रेस के अलावा असीमानंद कई और आतंकी घटनाओं में संलिप्त था. मक्का मस्जिद और अजमेर ब्लास्ट में भी इसका हाथ होने का आरोप था. हालांकि अब वह एनआईए अदालत द्वारा बरी है.

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