सत्ता के साथ 7 बड़ी पार्टियों का गठबंधन, विपक्ष तीन खाने चित्त




कोलकता की बड़ी रैली में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए

नरेंद्र मोदी की सत्ता को चुनौती देने वाली पार्टियाँ चुनावी घोषणा होने के बाद भी तीन खाने चित्त हैं. यानी अगर गैर-एनडीए को विपक्ष मान लिया जाए तो यह तीन खानों में अब तक बिखरी हैं. हालांकि अब तक कांग्रेस के साथ 9 अन्य पार्टियों के साथ का सबसे बड़ा गठबंधन यूपीए ही है और दूसरा सबसे बड़ा गठबंधन भाजपा के साथ 7 अन्य पार्टियों वाली एनडीए का है. बाक़ी कुछ पार्टियों ने तीसरा मोर्चा बना रखा है और कुछ को चौथा मोर्चा या मोर्चाविहीन समझा जा सकता है. शायद ये तीसरा और चौथा मोर्चा चुनाव परिणाम के बाद फायदा बटोरने के चक्कर में अलग से चुनाव लड़ना चाह रही हों.

जानिए किस गठबंधन में कौन?

सबसे पहले सत्ताधारी गठबंधन की बात करें तो यह गठबंधन 8 पार्टियों का है. इसमें सबसे मुश्किल जो गठबंधन लग रहा था वह था शिव सेना के साथ क्योंकि जिस तरह से शिव सेना के लोग भाजपा के साथ बकैती कर रहे थे उससे लग रहा था कि यह गठबंधन नहीं होगा लेकिन आखिरकार चमत्कारिक तौर से गठबंधन हो गया.

एनडीए में शामिल बड़े दल

• बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी)
• शिवसेना
• जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड)
• एलजेपी (लोक जनशक्ति पार्टी)
• अकाली दल
• अपना दल(एस)
• सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी
• एआईएडीएमके

यूपीए में शामिल बड़े दल

• कांग्रेस
• आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल)
• आरएलएसपी (राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी)
• एचएएफ (हिंदुस्तान आवाम मोर्चा)
• एलजेडी (लोकतांत्रिक जनता दल)
• एनसीपी (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी)
• जेडीएस (जनता दल (सेक्यूलर)
• लेफ्ट पार्टियां
• तेलुगु देशम पार्टी
• डीएमके

तीसरा मोर्चा

ऐसे दल जिन्होंने अब तक एनडीए यानि भाजपा और यूपीए यानि कांग्रेस से ताल-मेल नहीं किया है. हालांकि कई विपक्षी दलों की एकजुटता के कार्यक्रमों में इन्हें साथ साथ देखा गया है. इन दलों में बड़े क्षेत्रिय दल शामिल हैं. ये दल किसी तीसरे मोर्चे का एलान कर सकते हैं.

इनमें सबसे मजबूत दल पश्चिम बंगाल का तृणमूल कांग्रेस है. इसके अलावा दिल्ली की आम आदमी पार्टी, यूपी की समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे बड़े दल भी शामिल हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव भी कह चुके हैं कि वो

तीसरे मोर्चे की विपक्षी पार्टियों के साथ हैं.

• तृणमूल कांग्रेस
• आम आदमी पार्टी
• समाजवादी पार्टी
• बहुजन समाज पार्टी
• तेलंगाना राष्ट्र समिति
• नेशनल कॉन्फ्रेंस
• पीडीपी

गठबंधन विहीन दल

देश में कुछ बड़े राजनीतिक दल ऐसे भी हैं जिन्होंने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. इनमें सबसे बड़ा दल ओडिशा में सत्ताधारी बीजू जनता दल और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन है. असम में बदरुद्दीन अजमल की पार्टी आल इंडियन डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट भी है.

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