AMU नमाज-ए-जनाजा विवाद के बाद 2 छात्रों का निलंबन रद्द




अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में देशद्रोही नारे लगाने के आरोप के बाद सस्पेंड हुए दो छात्रों का निलंबन वापस ले लिया गया है। इस मामले में विश्वविद्यालय की ओर से जारी बयान में कश्मीरी छात्रों का निलंबन वापस लेने की बात कही गई है।

दरअसल एएमयू में कुछ छात्रों पर देशद्रोही नारेबाजी और मन्नान के समर्थन में नमाज-ए-जनाजा आयोजित करने का आरोप लगा था, जिसके बाद कुल 9 छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।

शुक्रवार को सोशल मीडिया में एएमयू का एक विडियो वायरल हुआ था। इस विडियो में कुछ छात्र आजादी-आजादी चिल्लाते नजर आ रहे थे। विडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो छात्रों वसीम अयूब मलिक और अब्दुल हफीज मीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इन दोनों छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है।

वहीं यूनिवर्सिटी अन्य सात छात्रों पीरजादा दानिश, एयाज अहमद भट, मोहम्मद सुल्तान खान, रकीब सुल्तान, सुम्मी उल्ला राठर, पीरजादा महबूबुल हक को नोटिस जारी करके उनसे 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा था।

हालांकि इस घटना के बाद एएमयू के 1200 कश्मीरी छात्रों ने विश्वविद्यालय छोड़ने की धमकी दी थी। इसके बाद चौतरफा सियासत के बीच तमाम राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की थी।

वहीं मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय से अनुरोध करते हुए कहा था कि वह कश्मीरी छात्रों को परिसर में सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराए। ख़बरों के अनुसार माना जा रहा है कि गवर्नर के हस्तक्षेप और मानव संसाधन विकास मंत्री से बात करने के बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन का फैसला वापस लिया है।

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