डोनाल्ड ट्रम्प के मुस्लिम विरोधी रीट्वीट पर हंगामा, ट्रम्प की चौतरफ़ा निंदा




चित्र साभार: डेली मेल यूके

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

नई दिल्ली, नवम्बर 30, 2017 | डोनाल्ड ट्रम्प कुछ ऐसे राजनेताओं में से हैं जो ट्विटर पर सबसे अधिक सक्रिय हैं. हमारे प्रधान मंत्री शायद डोनाल्ड ट्रम्प के बाद दूसरे राजनेता हैं जो इस सोशल नेटवर्किंग साईट पर अत्यंत सक्रीय हैं. डोनाल्ड ट्रम्प के ट्वीट को देखकर ऐसा लगता है कि वह अपना सारा गुस्सा ट्वीटर पर ही निकालते हैं. मीडिया को चाहे बुरा भला कहना हो या फिर अपने विरोधियों को अपमानित करना हो वह यह सब ट्वीटर पर ही करते हैं.



आज उनके ट्वीट फिर एक बार सुर्ख़ियाँ बटोर रहे हैं. हुआ यह कि ब्रिटेन की दक्षिण चरमपंथी नेता जायदा फ्रान्सेन ने तीन मुस्लिम विरोधी वीडियो ट्विटर पर अपलोड किया जो कथित तौर पर मुस्लिमों की कारस्तानी दिखा रही है यद्यपि इसका कोई प्रमाण नहीं है कि यह वीडियो सही हैं क्योंकि यह बहुत ही धुंधले हैं और पुराने भी. जिस नज़दीकी से इन वीडियो को लिया गया दिखाया गया है उस नज़दीकी से इन वीडियो को बिलकुल स्पष्ट होना चाहिए था जो नहीं हैं. इतना भी स्पष्ट नहीं है कि इनमें कौन हैं और क्या कह और कर रहा है. इनके एक वीडियो की पोल नीदरलैंड्स के दूतावास ने तुरंत खोल दी. यद्यपि, इन वीडियो को ब्रिटिश चरमपंथी नेता ने जो कैप्शन दिया है वह मुस्लिम विरोधी हैं और ट्रम्प ने इन्हें रीट्वीट किया है.



पहला वीडियो 29 नवम्बर को अपलोड किया गया है जिसमें लिखा है कि इस्लामी कट्टरवादियों की भीड़ एक छोटे बच्चे को छत से फ़ेंक रही है और उसे मार मार कर मौत के घाट उतार दी गयी.

यद्यपि कोई भी इंसान इस वीडियो को देख कर यह कह सकता है कि यह वीडियो नकली है. क्योंकि जब भी इस वीडियो को शूट किया गया होगा बहुत ही नज़दीक से शूट किया गया होगा और इतनी नज़दीक से शूट की गयी वीडियो के इतना धुंधला होने का कोई तुक नहीं है.

दूसरा वीडियो भी 29 नवम्बर को अपलोड किया गया है जो इसी उग्रपंथी नेता ने ट्वीट किया है जिसमें एक मुस्लिम जैसा दिखने वाला कोई इंसान अरबी में कुछ पढ़ रहा है और फिर माँ मरयम की प्रतीमा को पटक कर तोड़ देता है. यह वीडियो बहुत ही करीब से शूट किया गया वीडियो है और यह वीडियो बिलकुल स्पष्ट है लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद ऐसा लगता कि इस वीडियो को ख़ास कर शूट किया गया है ताकि लोगों को दिखाया जा सके और लोगों के अंदर नफ़रत फैलाई जा सके.

तीसरा वीडियो भी इसी ब्रिटिश नेता ने ट्वीट किया है. इसमें वह लिखती हैं कि एक मुस्लिम प्रवासी लड़का डच लड़के को पीट रहा है जो कि बैसाखी पर है.

VIDEO: Muslim migrant beats up Dutch boy on crutches! pic.twitter.com/11LgbfFJDq

इस वीडियो पर नीदरलैंड्स एम्बेसी ने फौरन अपना उत्तर भेजा और उसमें लिखा है कि “ट्रम्प वास्तविकता महत्वपूर्ण होता है. इस हिंसक कृत्य में जो अपराधी है वह नीदरलैंड्स में ही पैदा हुआ और यहीं पला बढ़ा. उसे इसकी सज़ा मिल गयी और उसने अपनी सज़ा पूरी भी कर ली.”

एम्बेसी के इस जवाब से साफ़ स्पष्ट है कि यह वीडियो बहुत पुरानी है यद्यपि एम्बेसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अपराधी किस धर्म का है. लेकिन यह स्पष्ट है कि यह दो लोगों के बीच का झगड़ा था जिसे एक अलग ही रंग दिया गया.

ट्रम्प द्वारा रीट्वीट किए गए वीडियो पर कैंटरबरी के धर्माध्यक्ष ने आपत्ति जताई. उनहोंने फेसबुक पर लिखा है कि “यह बहुत परेशान करने वाला है कि संयुक्त राज्य के राष्ट्रपति ने उग्रवादियों की आवाज को प्रोत्साहित करना पसंद किया है। ब्रिटेन फर्स्ट समुदायों को विभाजित करना चाहता है और अल्पसंख्यकों को भयभीत करता है, खासकर हमारे मुस्लिम मित्रों और पड़ोसियों को। ब्रिटेन फर्स्ट सहिष्णुता और एकता के हमारे मूल्यों में शरीक नहीं है। भगवान की दृष्टि में हम ईसाई हैं जो अपने पड़ोसी से प्रेम करता है और अपने समुदाय, समाज और राष्ट्र में सभी की समृद्धि चाहता है। मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से न केवल उन ट्वीट्स को हटाने का आह्वान करता हूँ बल्कि सभी प्रकार के नस्लवाद और नफरत पर उनके रवैये पर भी उनका स्पष्टीकरण चाहता हूँ।

लन्दन के मेयर सादिक़ खान ने भी ट्रम्प को निशाना बनाते हुए कहा कि “राष्ट्रपति ट्रम्प ने ट्विटर का उपयोग घृणित और अतिवादी समूह को प्रोत्साहित करने के लिए किया है जिसका काम केवल हमारे देश में फूट डालना और नफ़रत फैलाना है. इससे स्पष्ट होता जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रम्प का ब्रिटेन में कोई भी आधिकारिक दौरा स्वागत योग्य नहीं होगा.”

ट्रम्प ने इन सब ट्वीट के जवाब में यूनाइटेड किंगडम की राष्ट्रपति को खुलेआम नसीहत दी कि वह “मुझ पर ध्यान न दें, बल्कि विध्वंसकारी कट्टर इस्लामी आतंकी पर ध्यान दें जो यूनाइटेड किंगडम में फैल रहा है. हम बहुत अच्छा कर रहे हैं.”

यद्यपि ट्रम्प ने पहले अपने ट्वीट में किसी और को गलती से टैग किया था जो इसी नाम से थीं फिर उन्होंने इसे हटा कर ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा मे को रीट्वीट किया. जॉर्डन की विदेश यात्रा पर गयी ब्रिटेन की प्रधान मंत्री ने ट्रम्प के ट्वीट का जवाब पत्रकारों से बात करते हुए दिया कि “हम साथ काम करते हैं यह सच्चाई है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यूनाइटेड स्टेट्स अगर गलत करता है तो उसे गलत कहने में हमें कोई डर है. मैं बहुत स्पष्ट तौर पर कहना चाहती हूँ कि ब्रिटेन फर्स्ट के ट्वीट को री ट्वीट किया जाना सरासर ग़लत है.”

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