अरुण जेटली का एम्स में निधन, नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स के लिए याद किए जाएँगे जेटली




नरेंद्र मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली का शनिवार को निधन हो गया. वो 67 साल के थे.

बीते नौ अगस्त से अरुण जेटली एम्स में इलाज करा रहे थे. एम्स की प्रवक्ता आरती विज ने मीडिया के लिए जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि जेटली ने शनिवार को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर अंतिम सांस ली.

नौ अगस्त को ही सांस लेने में समस्या के चलते अरुण जेटली को नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती किया गया था. उन्हें आईसीयू में रखा गया था.

जेटली ने एनडीए – 2 की सरकार में कोई भी दायित्व लेने से स्वास्थ्य कारणों से मना कर दिया था. उनहोंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से वो नई सरकार में कोई ज़िम्मेदारी नहीं चाहते हैं. इस पत्र को उनहोंने ट्विटर पर भी शेयर किया था. उन्होंने लिखा था कि बीते 18 महीनों से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिसके कारण वह कोई पद नहीं लेना चाहते हैं.

वकालत से राजनीति में आए अरुण जेटली बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार रहे.

अरुण जेटली दिल्ली एवं ज़िला क्रिकेट संघ डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे.

उनके वित्त मंत्री रहते हुए ही नोटबंदी जैसा बड़ा फैसला लिया गया था. GST भी उनके ही कार्यकाल में हुआ था. कांग्रेस आलोचना में GST को गब्बर सिंह टैक्स कहती रही.

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