सतना में धर्मांतरण के आरोप पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का उत्पात, मारपीट, कार फूंकी




सताना में उत्पातियों द्वारा फूंकी गयी चार (बंसल न्यूज़ के वीडियो से ली गयी चित्र)

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

सतना (मध्य प्रदेश), 15 दिसंबर, 2017 | मध्य प्रदेश के सतना जिले में धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर हिंदूवादी संगठन बजरंग दल से जुड़े युवाओं ने गुरुवार की रात को क्रिससम की तैयारियों में जुटे इसाई समुदाय के लोगों पर हमला बोल दिया। युवकों ने उनसे मारपीट की और उनकी कार को भी आग के हवाले कर दिया।



वहीं, पुलिस ने उत्पातियों पर कार्रवाई करने के बजाए पीड़ितों को ही हिरासत में ले लिया और साथ ही छह लोगों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज कर लिया।

इसाई समुदाय के फादर रोनी वर्गीस ने शुक्रवार को आईएएनएस को बताया कि शहर से 15 किलोमीटर दूर दराकलां गांव में स्थित चर्च में पादरी बनने का प्रशिक्षण लेने आए छात्र क्रिसमस की तैयारी में जुटे थे और इसी क्रम में जगह-जगह क्रिसमस कैरोल गाए जा रहे थे और नाटक आदि किए जा रहे थे। क्रिसमस की तैयारियों के अंतिम दिन गुरुवार को कुछ युवक आए और धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।

वर्गीस के मुताबिक, “इन हिंदूवादी युवकों ने नारे लगाए और सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई और दो फादरों व 32 छात्रों को अपने साथ थाने ले गई। उसके बाद आठ फादर मामले की जानकारी लेने गए तो उन्हें भी पुलिस ने थाने में बिठा लिया। इससे पहले थाने के परिसर में युवकों ने फादरों व छात्रों से मारपीट की। इसके बाद थाने के बाहर रखी फादर की कार में आग लगा दी।”

वर्गीस ने बताया कि कुछ उत्पाती तत्व धर्मांतरण की बात कह रहे थे जबकि ऐसा कुछ नहीं था, क्रिसमस की तैयारी चल रही थीं। धर्मांतरण का आरोप बेवजह लगाया गया है।

वहीं, नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) डी डी पांडे ने आईएएनएस को बताया कि धर्मेंद्र दोहड़ ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका धर्मांतरण करने के लिए पांच हजार रुपये दिए गए। तालाब में स्नान कराया गया। साथ ही उसका नाम बदलकर धर्मेंद्र थॉमस किया और कहा गया कि अब ईशु की पूजा करना।

पांडे के मुताबिक, धर्मेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने एक ज्ञात और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रलोभन आदि देने पर भारतीय दंड विधान की धारा 153 (ख), 11 (द) और 295 (क) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धर्मातरण का मामला जांच की पुष्टि होने के बाद ही दर्ज किया जाएगा। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। बाद में सभी को छोड़ दिया गया है। नामजद व्यक्ति पुलिस हिरासत में है।

थाने के बाहर फादर की कार जलाए जाने के मामले में पांडे का कहना है कि यह घटना शिक्षाधिकारी कार्यालय के बाहर की है। पुलिस ने उस पर भी प्रकरण दर्ज कर लिया है।

-आईएएनएस

 

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