बैंक अकाउंट या मोबाइल फोन कनेक्शन लेते समय अब अन्य दस्तावेज भी मान्य




नई दिल्ली : सरकार बैंकों और मोबाइल फोन कंपनियों को ग्राहकों के ईकेवाइसी के लिए आधार का विकल्प फिर से देने जा रही है। इसके लिए सरकार दो ऐक्ट में बदलाव करेगी। ये हैं टेलिग्राफ ऐक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA)।

केंद्रीय कैबिनेट ने इनमें संशोधन के मसौदे को मंजूरी दी है। अब लोग चाहें तो मर्जी से बैंक खातों या मोबाइल फोन कनेक्शन के लिए आधार नंबर दे सकते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं होगा। बैंक अकाउंट या मोबाइल फोन कनेक्शन लेते समय अब अन्य दस्तावेज भी मान्य होंगे।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में प्राइवेट कंपनियों को आधार के इस्तेमाल से रोक दिया था। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा था कि बैंक अकाउंट और मोबाइल कनेक्शन के लिए आधार नंबर को अनिवार्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसकी कानूनी वैधता नहीं है।



सुप्रीम कोर्ट ने आधार ऐक्ट के सेक्शन 57 को खारिज कर दिया था, जिसके तहत सिम कार्ड और बैंक खातों के साथ आधार लिंकिंग अनिवार्य थी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि इस प्रावधान का कोई कानूनी आधार नहीं है। प्राइवेसी की चिंताओं पर दाखिल याचिकाओं पर कोर्ट ने कहा था कि बैंक अकाउंट खोलने या मोबाइल फोन कनेक्शन लेने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।

कोर्ट के फैसले के बाद दूरसंचार कंपनियों ने सरकार से आधार के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से छूट की गुहार लगाई थी। यही वजह है कि आधार के जरिए मोबाइल सिम जारी किए जाने को कानूनी समर्थन उपलब्ध कराने के लिए टेलिग्राफ ऐक्ट को संशोधित किया जा रहा है।

PMLA में संशोधन के बाद लोगों के पास KYC के लिए अपने बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक कराने का विकल्प होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं की सब्सिडी के लिए आधार नंबर को जरूरी बताया था।

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