मायावती ने गठबंधन पार्टी से तोड़ा रिश्ता, तो टूटा न पड़े पहाड़




आगामी लोकसभा चुनाव साथ ही हालिया होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे राजनीतिक दलों के लिए एक और बड़ी खबर आई है। दरअसल, हरियाणा में बसपा की सहयोगी पार्टी आईएनएलडी में छिड़ी कलह के चलते गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही है।

हालांकि इस चुनावी दौरान की कलह से जहां बसपा चिंतित है वहीं आईएनएलडी भी अपना विवाद सुलझाने में लगी हुई है। अब माना जा रहा है कि विवाद के चलते बसपा और आईएनएलडी में गठबंधन टूट सकता है।

इंडियन नैशनल लोकदल (आईएनएलडी) हरियाणा में बसपा की सहयोगी पार्टी ​है, लेकिल आईएनएलडी में चल रहे विवाद के चलते बसपा दुविधा में फंस गई है। माना जा रहा है कि आईएनएलडी में विवाद लगातार गहराता जा रहा है।



हालांकि इस घटनाक्रम से बसपा सुप्रीमो मायावती काफी नाराज चल रही हैं। माना जा रहा है ​कि इसी नाराजगी के चलते मायावती आईएनएलडी की ओर से हरियाणा के गोहाना में आयोजित रैली में शामिल नहीं हुई थीं।

गोहाना में आईएनएलडी ने दलितों को लामबंद करने के लिए मायावती के नाम का सहारा लिया था, लेकिन मायावती ने जब कार्यक्रम में आने से इनकार कर दिया तो आईएनएलडी नेता ओम प्रकाश चौटाला ने दलितों को रिझाने के लिए मायावती को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बना दिया। हालांकि चौटाला की यह​ कोशिश नाकाम होती दिख रही है, क्योंकि बसपा अब गठबंधन को लेकर पुनर्विचार कर रही है।

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!