बिहार : सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति को बताया फर्जी




सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में नियुक्त किए गए सैकड़ों कर्मचारियों को राहत देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट कहा कि जाँच में ये बात सामने आई है कि ये कर्मचारी फर्जी कागजातों के आधार पर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के भर्ती किए गए थे।

जांच में पाया था कि इन पीएचसी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में कर्मचारियों की भर्ती जिलों के सिविल सर्जन-सह-सीएमओ के आदेश पर बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए हुई है।

दरअसल पटना हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की रिट याचिका पर 2009 में राज्य सरकार को आदेश दिया था कि हटाए गए सभी कर्मचारियों को बहाल किया जाए और उनके रुके हुए वेतन का भुगतान किया जाए। ये कर्मचारी 10 से लेकर 20 सालों से विभिन्न पीएचसी में काम कर रहे थे।



कर्मचारियों के प्रमाण-पत्र भी फर्जी हैं। समिति ने रिपोर्ट में बताया था कि उनका नियुक्ति शुरुआत से ही व्यर्थ है।पीठ ने इस समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया और राज्य सरकार की जांच को सही पाते हुए उन्हें बहाल करने का हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया।

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