तीन तलाक को अपराध की श्रेणी में लाने वाले विधेयक को मंत्रिमंडल की मंजूरी




एक बार में तीन तलाक़ का विरोध करती मुस्लिम महिलाएं (चित्र साभार: NDTV)

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

नई दिल्ली, 15 दिसम्बर, 2017 | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को तीन तलाक पर एक विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक को अब संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इसे शीत सत्र के दौरान संसद से भी मंज़ूरी मिल जाएगी जिसकी शुरुआत आज से हुई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ‘मुस्लिम महिला (विवाह संरक्षण अधिकार) विधेयक, 2017 को तीन तलाक संबंधित विधेयक के रूप में जाना जाता है। तीन तलाक मुसलमानों में मौखिक रूप से तलाक देने का एक तरीका है।



न्यायाधीशों ने इस बात पर सहमति जताई कि “ट्रिपल तलाक़”, जो अक्सर मुस्लिम पति अपनी पत्नियों को मोबाइल और अन्य संचार उपकरण द्वारा देते हैं, उनकी समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है और महिलाओं को बेबस होने पर मजबूर कर देता है। अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मुस्लिम पुरुषों द्वारा एक बार में तीन तलाक देकर तलाक देने की प्रक्रिया असंवैधानिक है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस विधेयक में इस तरीके से तलाक देने पर सजा का प्रावधान है।

विधेयक में महिलाओं को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे तीन तलाक की स्थिति में भरण पोषण की मांग कर सकती हैं।

-आईएएनएस

 

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