आधार पर भ्रम फैला रही केंद्र सरकार : मेघालय सीएम




मेघालय मुख्यमंत्री मुकुल संगमा (चित्र साभार: फेसबुक)

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

शिलांग (मेघालय), 14 दिसम्बर, 2017 | मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की केंद्र सरकार पर आधार के क्रियान्वयन को लेकर न सिर्फ मेघालय में बल्कि समूचे देश में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में कहा, “केंद्र एक पत्र में कहता है कि आधार अनिवार्य नहीं है, लेकिन विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के पत्र में वे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लाभार्थियों के आधार नंबर पर जोर देते हैं।”



संगमा ने दोहराया कि वे अपना आधार कार्ड नहीं बनवाएंगे। उन्होंने कहा, “असंगत निर्देश आ रहे हैं। इसलिए सभी भ्रम में हैं और मैं भी उतना ही भ्रम में हूं।”

उन्होंने विधानसभा में कहा कि राज्य में बायोमीट्रिक योजनाओं के लिए नामांकन अनिवार्य नहीं है। हालांकि राज्य सरकार आधार का नामांकन बंद नहीं कर रही है, क्योंकि मेघालय के कई छात्र राज्य से बाहर पढ़ाई करते हैं और उन्हें छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए इसकी जरूरत होती है।

उन्होंने कहा, “अगर ऐसे छात्रों को आधार जारी नहीं किया जाएगा, तो वे विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के लिए पात्र नहीं होंगे।”

संगमा ने कहा कि केंद्र सरकार को उत्तर पूर्व क्षेत्र में आधार को अनिवार्य नहीं बनाना चाहिए, जो अवैध आप्रवासियों और खुली सीमाओं जैसे मुद्दों के साथ विशिष्ट हैं, और इस क्षेत्र में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्ट्रर (एनपीआर) भी अपडेटेड नहीं है।

उन्होंने कहा, “इसके (एनपीआर) के बिना हम कैसे जानेंगे कि भारतीय नागरिकों के अलावा अन्य नागरिकों के भी आधार कार्ड बन रहे हैं? इसलिए आधार को मेघालय में अनिवार्य नहीं बनाना चाहिए, नहीं तो राज्य के लिए समस्याएं पैदा हो जाएंगी जो अवैध अप्रवासियों की समस्या से जूझ रही है।”

संगमा ने कहा कि आधार के संबंध में उन्होंने अपने असम के समकक्ष से भी बात की है।

उन्होंने कहा कि मेघालय में कुल 4,63,058 लोगों को आधार नंबर जारी किए गए हैं।

-आईएएनएस

 

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