चिदंबरम ने ‘मर्सल’ के डायलॉग हजम न होने को लेकर भाजपा पर तंज कसा




भूतपूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम (साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर | वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दिवाली में रिलीज हुई अभिनेता विजय की फिल्म ‘मर्सल’ के कुछ डायलॉग हटाने की मांग पर कटाक्ष किया और व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि ‘ऐसा कानून बनाना चाहिए, जिसमें वृत्तचित्रों (डॉक्यूमेंटरी) में सिर्फ सरकार की नीतियों की सराहना की जाए।’ उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “भाजपा ‘मर्सल’ के डायलॉग हटाने की मांग कर रही है। आप कल्पना कीजिए, आज की परिस्थिति में अगर ‘पराशक्ति’ जैसी फिल्म रिलीज हुई होती तो क्या होता।”

चिदंबरम ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “फिल्म निर्माताओं के लिए सूचना : कानून आने वाला है, अब आप केवल वही वृत्तचित्र बना सकते हैं, जिसमें सरकार की सराहना की जाए।”

‘पराशक्ति’ में 1950 के दौर की सामाजिक-आर्थिक बदहाली को दिखाया गया है। इस फिल्म के लिए पटकथा-लेखन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रमुख एम. करुणानिधि ने किया था और इस फिल्म में मुख्य भूमिका दिवंगत अभिनेता शिवाजी गणेशन ने निभाई थी।

फिल्म रिलीज होने के बाद तमिलनाडु भाजपा के नेताओं ने अभिनेता विजय को निशाने पर लिया। अभिनेता ने इस फिल्म में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व डिजिटल इंडिया पर निशाना साधा है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा ने शुक्रवार को अभिनेता के ईसाई मूल को लेकर ट्वीट किया।

उन्होंने कहा, “मोदी के लिए जोसेफ विजय की नफरत है ‘मर्सल’।”

राजा ने कहा ‘मर्सल’ विजय के आर्थिक मामलों की उपेक्षा को दर्शाता है, जिसमें कहा गया है कि जीएसटी नया कर नहीं है और शराब पर 58 प्रतिशत कर लगाया गया है।

तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष तमिलसाई सुंदरराजन ने फिल्म में जीएसटी, डिजिटल पेमेंट और मंदिर से संबंधित डायलॉग हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे गलत संदेश फैल रहा है।

मर्सल एटली द्वारा निर्देशित और एटली, के वी. विजयेंद्र प्रसाद, और एस रममण गिरीवसन द्वारा सह-लिखित 2017 में रिलीज़ की हुई भारतीय तमिल भाषा की फिल्म है।

-आईएएनएस

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