मोदी की टिप्पणी पर चीन ने पाकिस्तान का बचाव किया




ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के साथ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लन्दन में (साभार: ट्विटर)

-गौरव शर्मा

बीजिंग, 20 अप्रैल, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान को ‘आतंक का निर्यात करने वाली फैक्ट्री’ कहे जाने पर चीन ने शुक्रवार को सामने आकर पाकिस्तान का बचाव किया।

चीन का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद से जूझ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आंतकवाद के खिलाफ उसकी लड़ाई में मदद करनी चाहिए।

बीजिंग ने इस बात के भी संकेत दिए कि इस साल जून में चीन के किंगदाओ शहर में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सालाना बैठक के एजेंडे में आतंकवाद का मुद्दा भी रहेगा। आठ सदस्यीय एससीओ में भारत और पाकिस्तान पिछले साल शामिल हुए हैं।

लंदन में गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान मोदी ने कहा कि भारत यह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा कि कोई उसे आतंक का निर्यात करे।

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन उनका संकेत स्रष्ट रूप से उसी की तरफ था।


मोदी ने कहा था, “कुछ लोगों ने अपने यहां आतंक निर्यात की फैक्ट्री खोल रखी है और वे हमारे देश के लोगों पर हमाला करते हैं। उनमें युद्ध करने की ताकत नहीं है, इसलिए पीठ पीछे वार करते हैं। ऐसे मामालों में मोदी को मालूम है कि उनको उनकी ही भाषा में कैसे जवाब दिया जाए।”

मोदी की इस टिप्पणी के बारे में पूछ जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, “आतंकवाद सबका शत्रु है और इससे सबको जूझना पड़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के मुकाबला करने के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान की मदद करनी चाहिए।”

एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद का मुद्दा होने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “जहां तक आतंकवाद के मसले पर विदेश मंत्रियों की बैठक का सवाल है तो मेरा मानना है एससीओ का मकसद क्षेत्र में प्रासंगिक सहयोग को बढ़ावा देना है।”

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शनिवार को बीजिंग आ रही हैं। वह यहां सोमवार को एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी।

हुआ ने बताया कि जून में एससीओ के बैठक के एजेंडा में आतंकवाद का मुद्दा शामिल होगा। जून में होने वाली बैठक में प्रधानमत्री मोदी हिस्सा लेंगे।

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*