न्यूज़ीलैंड की मस्जिदों पर आतंकी हमले की पूरी कहानी




न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न (Jacinda Ardern) ने कहा “हमारा चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि हम विविधता, दया, करुणा का प्रतीक हैं. हमारा घर उनका भी घर हैं जिन्हें हमारे मूल्यों का मान है, हमारा घर उनका ठिकाना है जिन्हें इसकी ज़रूरत है और जिन्हें हमारे मूल्य पसंद हैं, मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि इस हमले से न अभी हम डरे हैं और न ही भविष्य में डरेंगे.”

न्यूज़ीलैंड की दो मस्जिदों पर आतंकी हमले की घटना शुक्रवार को होते ही टेलीविज़न और पोर्टल ने मौत की गिनतियाँ 4 से शुरू कर दी. यह आंकड़ा अब 50 के पार कर चुका है. 40 से अधिक लोग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. इनमें कुछ बच्चे और महिलाएं भी हैं.

क्या है मामला?

शुक्रवार को दोपहर के समय (Friday Prayer) यानी भारतीय समय के अनुसार बृहस्पतिवार मध्य रात्री के आस पास जब भारत सोने की तैयारी कर रहा था तब न्यूज़ीलैंड के सेंट्रल क्राइस्टचर्च की मस्जिद अल-नूर (central Christchurch – Masjid Al Noor) और लिनवुड की एक बस्ती की मस्जिद में कुछ आतंकी अन्धाधुन्ध गोलीबारी कर रास्ते में आने वाले सबको मौत की नींद सुलाए जा रहा था. जब वह गोली चला रहा था तो बहुत सारे लोग घुटने पर अपने हाथ को टिका कर अल्लाह का गुणगान कर रहे थे.

पुलिस ने इसके बाद 4 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें एक महिला भी है. पुलिस को आतंकी की गाड़ी से जुगाड़ से बनाए गए विस्फोटक उपकरण (improvised explosive devices) मिले हैं. पुलिस को शक यह है कि यह फियादीन भी हो सकता है हालांकि न्यूज़ीलैंड की प्रधान मंत्री जेसिंडा एर्डर्न ने इस पर टिपण्णी करने से इनकार किया है.

न्यूज़ीलैंड के इतिहास में इतना भयावह घटना देखने को नहीं मिला है.

कौन है वह आतंकी?

हालांकि न्यूज़ीलैंड पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी की पहचान नहीं बताई गयी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह ऑस्ट्रेलियाई है.

आतंकी जब इस घटना को अंजाम दे रहा था तब इसे वह फेसबुक और इन्स्टाग्राम पर लाइव चला रहा था. यानी पूरी दुनिया इस घटना को लाइव देख रही थी.

जिस अकाउंट से यह लाइव हो रहा था वह ऑस्ट्रेलियाई ब्रेंटन टैरंट (Branton Tarrant) का है. तस्वीर से अब साफ़ ज़ाहिर हो गया है कि यह ऑस्ट्रेलियाई ब्रेंटन टैरंट (Branton Tarrant) ही है. इसको शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा. बाक़ी तीनो की पहचान अभी नहीं बताई गयी है.

ब्रेंटन टैरंट ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक मैनिफेस्टो अपलोड किया था जो यह बताता है कि वह उग्र दक्षिणपंथी और नस्लवादी है. न्यूज़ीलैंड में अप्रवासी के बसने और विविधता के खिलाफ था. मुसलामानों और दुसरे देश के लोगों से उसे नफ़रत थी.

फेसबुक ने उस वीडियो को हटा दिया है और ट्विटर ने उसके अकाउंट को बंद कर दिया है.

मारे जाने वाले लोगों में छह भारतीय के होने की आशंका?

बीबीसी के अनुसार, न्यूज़ीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त संजीव कोहली ने बताया है कि शुरुआती सूचनाओं के मुताबिक इस घटना में दो भारतीयों और चार भारतीय मूल के लोगों के मारे जाने की आशंका है.

उनका यह आंकड़ा आधिकारिक नहीं है.

बांग्लादेश क्रिकेट टीम की जान बाल बाल बची

घटना के दौरान वहां बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी भी मौजूद थे. बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ी तमीम इकबाल ने ट्वीट कर कहा, ”गोलीबारी में पूरी टीम बाल-बाल बच गई. बेहद डरावना अनुभव था”. बताया जा रहा है कि घटना के बाद बांग्लादेश के खिलाड़ी किसी तरह मस्जिद से सुरक्षित निकलने में सफल रहे. आपको बता दें कि बांग्लादेश की टीम को कल क्राइस्टचर्च में ही टेस्ट मैच खेलना था लेकिन अब वह रद्द हो गया है. बांग्लादेश की टीम घर वापस जाने के लिए तैयार है.


न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकी घटना कहा

पूरी दुनिया की न्यूज़ एजेंसी इसे जब गोलीबारी कह रही थी तब न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इसे आतंकी हमला कहा. उन्होंने इस हमले को “हिंसा का अभूतपूर्व कृत्य” बताया है. उनहोंने कहा कि यह “न्यूजीलैंड के सबसे काले दिनों में से एक” है.

अर्डर्न ने कहा कि “यह हमला पूर्व नियोजित लगता है और हमले के लिए इस देश को इसके मज़बूत बहु सांस्कृतिक मूल्यों (Multicultural Values) की वजह से चुना गया.” उनहोंने कहा कि “हमारा चुनाव इसलिए किया गया क्योंकि हम विविधता, दया, करुणा का प्रतीक हैं. हमारा घर उनका भी घर हैं जिन्हें हमारे मूल्यों का मान है, हमारा घर उनका ठिकाना है जिन्हें इसकी ज़रूरत है और जिन्हें हमारे मूल्य पसंद हैं, मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि इस हमले से न अभी हम डरे हैं और न ही भविष्य में डरेंगे.”

रिपोर्टरों द्वारा पूछे जाने पर कि ख़ुफ़िया एजेंसियां क्या कर रही थीं इस पर अर्डर्न ने कहा कि इन प्रश्नों का उठना स्वाभाविक है. उनहोंने कहा कि हमें उग्रवाद के विचारधारा और हिंसात्मक कृत्यों की अवधारणा के खिलाफ सजग रहने की आवश्यकता है.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मोरिसन का बयान

ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री स्कॉट मोरिसन (Scott Morrison) ने कहा कि इन आतंकियों में कम से कम एक आतंकी ऑस्ट्रेलियाई है.

सिडनी में प्रेस से बात करते हुए मोरिसन ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि हमलावर ‘दक्षिण पंथी और आतंकवादी’ है.

मोरिसन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड केवल दोस्त नहीं बल्कि हम पार्टनर हैं, हम परिवार हैं, और न्यूज़ीलैंड के भाई बहनों के साथ परिवार के सदस्यों की तरह हमें गम हैं, हम सदमे में हैं, हम अचंभित हैं, हम गुस्से में हैं.

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