जैन मुनि तरुण सागर के विवादित बोल




जैन मुनि तरुण सागर का देहांत 1 सितम्बर को हो गया. जैन मुनि अपने कड़वे और कभी कभी बेहद विवादित बोल को लेकर चर्चा में रहते थे. वे जैन धर्म के दिगंबर संप्रदाय से थे और संप्रदाय की प्रथा के अनुसार नग्न रहते थे. जैन मुनि को खट्टर सरकार द्वारा विधान सभा में प्रवचन के लिए आमंत्रित किया गया था. ऐसा पहली बार हुआ था कि विधान सभा को किसी धर्म गुरु द्वारा संबोधित किया गया हो. जानिए, कब कब क्या क्या जैन मुनि ने कहा:

आरक्षण के ख़िलाफ़

तरुण सागर आरक्षण के खिलाफ थे. उन्होंने कहा था कि यह देशहित में नहीं है और योग्यता एवं पात्रता के आधार पर ही आरक्षण होना चाहिए, तभी देश का भला होगा. उन्होंने कहा था कि पूरे देश में आरक्षण को लेकर आंदोलन हो रहे हैं, यह अच्छी परंपरा नहीं है.

राजनीति और धर्म    

तरुण सागर ने राजनीति और धर्म के रिश्ते पर कहा था कि राजनीति को हम धर्म से ही कंट्रोल कर सकते हैं. धर्म पति है, राजनीति पत्नी. हर पति की ये ड्यूटी होती है कि वो अपनी पत्नी को सुरक्षा दे, हर पत्नी का धर्म होता है कि वो पति के अनुशासन को स्वीकार करे, ऐसा ही राजनीति और धर्म के भी साथ होना चाहिए क्योंकि बिना अंकुश के हर कोई खुले हाथी की तरह हो जाता है.

आतंकवाद

आतंकवाद पर एक बार उन्होंने कहा था कि जितने आतंकवादी पाकिस्तान में नहीं हैं, उससे ज्यादा गद्दार हमारे देश में मौजूद हैं. उन्होंने कहा था कि गद्दारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आंतरिक आतंकवाद खत्म हो सके.

गद्दार मुसलमान

मुसलामानों पर उनहोंने अपने एक बयान में कहा था कि देश के कुछ मुसलमान ऐसे हैं, जिनका हिंदुस्तान में मन नहीं लगता उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए. साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि जिन हिंदुओं का पाकिस्तान में मन नहीं लगता उन्हें हिंदुस्तान बुला लेना चाहिए.

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तीन तलाक़

बीते 10 अगस्त को उनहोंने मुस्लिम महिलाओं से जुड़े तीन तलाक़ के मुद्दे पर भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि जो लोग मुस्लिम महिलाओं के कल्याण का दावा कर रहे हैं, वह महज दिखावा है, ऐसे नेताओं या दलों को महिलाओं के हक से कोई लेना-देना नहीं है, वह बस अपनी राजनीति कर रहे हैं.

भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचार पर उनहोंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि देश में हर तीसरा व्यक्ति भ्रष्टाचारी है. जैन मुनि ने कहा था कि देश के 10 फीसदी लोग ही पूरी तरह ईमानदार हैं.

नेताओं की चोरी

नेताओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने ये कहा था कि छोटी चोरी करने वाले जेलों में बंद हैं और जो बड़ी-बड़ी चोरियां करते हैं वो लोकसभा और विधानसभा में बैठे हुए हैं.

जैनमुनि तरुण सागर अक्सर राजनेताओं पर चोट करते थे. उन्होंने एक बार कहा था कि अगर लोकसभा विधानसभा में बैठने वाले लोग सुधर जाएं, तो एक अरब 34 करोड़ 97 लाख लोग भी सुधर जाएंगे.

लव जिहाद

लव जिहाद को उनहोंने मुसलमानों की साजिश बताते हुए कहा था कि झूठे प्यार के नाम पर हिंदू लड़कियों को मुसलमान बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि अगर लव जिहाद को नहीं रोका गया तो कुछ दिनों में भारत दूसरा पाकिस्तान बन जाएगा.

मुसलमानों की आबादी

मुसलमानों की आबादी पर भी तरुण सागर के बयान से विवाद हो गया था. उन्होंने कहा था कि मुस्लिमों की बढ़ती आबादी देश के लिए खतरा है. साथ ही वो मुस्लिम भी देश के लिए खतरा हैं, जो ये कहते हैं कि भारत तेरे टुकड़े होंगे और भारत की हार पर जश्न मनाते हैं.

दुष्कर्मी बाबा

तरुण सागर ने दशहरा के मौके रावण की जगह दुष्कर्मी बाबाओं के पुतले जलाने की बात भी कही थी. उन्होंने कहा था कि दशहरा तभी सार्थक होगा जब हम सब एक साथ मिलकर इन फर्जी बाबों के खिलाफ खड़े हो जाएंगे. वो कहते थे कि जिन बाबाओं पर अदालत में दुष्कर्म के आरोप सिद्ध हो गए हैं उन सभी का पुतला बनाकर दशहरे पर दहन करना चाहिए जिससे सामाज में एक सन्देश जा सके.

जैनमुनि का हरियाणा विधान सभा में प्रवचन

हरियाण की खट्टर सरकार ने जैनमुनि का विधान सभा में प्रवचन रखा था. इस पर उनहोंने बेटी के बारे में कहा था कि जिनकी बेटी ना हो उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए और जिस घर में बेटी ना हो वहां शादी करनी ही नहीं चाहिए और जिस घर में बेटी ना हो उस घर से साधु-संत भिक्षा ना लें.

इस पर हंगामा होने पर उनहोंने कहा था कि संतों को अब जनता के बीच प्रवचन नहीं करने चाहिए बल्कि राजनेताओं के लिए लोकसभा व विधानसभा में प्रवचन करने चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा जरूरत वहीं है.

कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि खट्टर सरकार राजनीति का भगवाकरण कर रही है तब जैन मुनि ने खट्टर का बचाव करते हुए कहा था कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने राजनीति का भगवाकरण नहीं बल्कि राजनीति का शुद्दिकरण किया है।

कपड़ा न पहनने पर जैन मुनि का जवाब

जैन मुनि ने नंगे रहने पर मीडिया के सवाल पर कि जैन मुनियों के तन पर लंगोट क्यों नहीं होते कहा था कि जब मन में कोई खोट न हो तो लंगोट की आवश्यकता नहीं. उनहोंने कहा था कि शरीर पर वस्त्र विकारों को ढंकने के लिए होते हैं जो विकारों से परे होते हैं जैसे शिशु और मुनि उन्हें वस्त्रो  की ज़रूरत नहीं होती.

विशाल ददलानी के साथ जैन मुनि के विवाद

जैन मुनि तरुण सागर महाराज का प्रवचन हरियाणा विधानसभा में हुआ था। यह भारत के इतिहास में पहली बार हुआ था जब किसी धार्मिक गुरु का प्रवचन किसी विधान सभा में हुआ था. इसके बाद विशाल ने ट्वीट कर कहा था कि ‘जो लोग खुद कपड़े नहीं पहनते वे बता रहे हैं कि महिलाओं को कैसे कपड़े पहनने चाहिए.’ विशाल ने ये भी कहा कि ‘यदि आप ऐसे लोगों को वोट देते हैं तो ऐसी ही बेहूदा बकवास को बढ़ावा देते हैं. ये अच्छे दिन नहीं नो कच्छे दिन की शुरुआत है और कुछ नहीं.’

इस कमेंट के बाद सोशल मीडिया पर विशाल की जमकर आलोचना हुई थी. धार्मिक भावना आहत करने का केस भी दर्ज हुआ था. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने विशाल को तुरंत अम्बाला पुलिस के समक्ष पेश होने का आदेश दिया था. विशाल को आखिर कर जैन मुनि के आश्रम में चंडीगढ़ जाकर माफी माफ़ी मांगनी पड़ी थी.

 

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