भारत में मिलता है प्राचीन, आधुनिक शिक्षा का संजोयन : दलाई लामा




Image Courtesy: tibet.net

मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

पुणे, 11 जनवरी | बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा का कहना है कि दुनिया में भारत ही सिर्फ ऐसा देश है जहां शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक शिक्षा के साथ-साथ प्राचीन शिक्षा का संयोजन देखने को मिलता है। दलाई लामा एमआईटी, पुणे में आयोजित दूसरे ‘नेशनल टीचर्स कांग्रेस’ पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। तीन दिवसीय यह सम्मेलन बुधवार को शुरू हुआ।


दलाई लामा ने कहा, “21वीं सदी ‘वार्ता’ की सदी होनी चाहिए और मनुष्य को विश्वस्तर पर मानवता के बारे में सोचना चाहिए। एक बेहतर दुनिया के निर्माण के लिए हमें समझना होगा कि सभी मनुष्य एक जैसे हैं।”

बौद्ध गुरु ने बातचीत के जरिये दुनिया में वैचारिक आदान-प्रदान बढ़ाने और शांति स्थापित करने की वकालत की।

उन्होंने कहा, “वार्ता से दुनिया में नए विचारों का आदान-प्रदान होगा और शांति कायम करने में मदद मिलेगी।”

नेशनल टीचर्स कांग्रेस का आयोजन एमईईआरएस एमआईटी वल्र्ड पीस युनिवर्सिटी और एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट द्वारा किया जा रहा है और इसे महाराष्ट्र सरकार, एआईसीईई, एसोसिएशन ऑफ इण्डियन युनिवर्सिटी, भारतीय छात्र संसद, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद तथा मानव अधिकारों को लिए युनेस्को अध्यक्ष का समर्थन प्राप्त है।

इस मौके पर नेशनल टीचर्स कांग्रेस के अध्यक्ष एवं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर भी मौजूद थे।

— आईएएनएस

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*