बच्चों की जान बचाने वाले डॉ कफ़ील को लेकर पूरा देश एकमत : बर्खास्तगी पर योगी सरकार की किरकिरी




डॉ कफ़ील (इनसेट में) और वह अस्पताल जहाँ वह कार्यरत थे

कौन कहता है कि यह देश धर्म को पैमाना बना कर अपने जज़्बात न्योछावर करता है? डॉ कफ़ील की इंसानियत पर पूरा देश एकमत है!

कभी राष्ट्रगान के नाम पर तो कभी गाय के नाम पर, तो कहीं लव जिहाद के नाम पर तो कहीं बच्चा चोर के नाम जिस विशेष समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है उसी विशेष समुदाय का एक आदमी डॉ कफ़ील आज पूरे भारतवासियों के लिए मसीहा बना हुआ है. डॉ कफ़ील गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शिशु विभाग के उस दिन इंचार्ज थे जिस दिन कथाकथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण 26-30 बच्चों समेत 63 लोगों की मौत हो गयी थी. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार वह मौतें और भी बढ़ सकती थी अगर डॉ कफ़ील ने अपने फ़र्ज़ से भी ऊपर उठकर प्रयास न किया होता. डॉ कफ़ील को हालांकि शनिवार को बर्ख़ास्त कर दिया गया लेकिन वह आज भी लोगों की नज़र में फ़रिश्ता ही हैं. और इस तगमे पर पूरा देश एकमत है.


डॉ कफ़ील ने न ही उस सरकारी अस्पताल के विभागाध्यक्ष के तौर पर अपने कर्तव्य का पालन किया बल्कि उनहोंने इंसान होने का भी फ़र्ज़ अदा किया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ‘’अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने पर डॉ. कफील ने निजी तौर पर कोशिश करके कई बच्चों की जान बचाई.’ स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ‘’गुरुवार की रात करीब 2 बजे जब डॉ कफील खान को जानकारी मिली कि ऑक्सीजन खत्म होने वाला है तो उनकी नींद उड़ गई, वो फौरन अपनी गाड़ी से अपने एक दोस्त डॉक्टर के अस्पताल पहुंचे और वहां से ऑक्सीजन के 3 जंबो सिलेंडर लेकर सीधे बीआरडी हॉस्पिटल आ गए. डॉ कफील खान की इस कोशिश से हालात कुछ देर के लिए काबू में आए.’’

ऐसा करके डॉ कफ़ील रातो रात मसीहा बन गए. ट्विटर और फेसबुक पर लोगों ने उनकी जमकर तारीफ़ की। उनके नाम का कई दिनों तक सोशल मीडिया पर ट्रेंड होता रहा. जितना प्यार और सम्मान उन्हें बच्चों की जान बचाने को लेकर मिला इतना ही समर्थन अब उन्हें शनिवार को पद पर से हटाए जाने के बाद मिल रहा है और साथ साथ योगी सरकार की भरपूर भर्त्सना भी हो रही है. अनारकली ऑफ़ आरा सहित कई फिल्मों में बतौर अभिनेत्री काम करने वाली स्वरा भास्कर ने डॉ कफ़ील की न केवल तारीफ़ की बल्कि उनके बर्ख़ास्त किए जाने पर योगी सरकार को आड़े हाथों भी लिया. उनहोंने अपने ट्वीटर अकाउंट से डॉ कफ़ील के लिए ढेर सारे ताली बजाते हुए हाथ की स्माइली डाला और #GorakhpurChildrenMassacre को टैग भी किया.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में #GorakhpurChildrenTragedy को टैग करते हुए कहा कि यह अपराध बचाव करने क़ाबिल नहीं है.

स्वरा भास्कर ने डॉ कफ़ील की बर्खास्तगी पर योगी सरकार पर तंज़ करते हुए कहा कि “वाह!! बढ़िया काम #उत्तर प्रदेश सरकार… उस आदमी को बर्ख़ास्त कर दिया जिसने ख़तरे में पड़ी जानों को बचाया और यह सब आपकी संवेदनहीन ग़ैर ज़िम्मेदारी के कारण हुआ. क्या यही आपका रामराज्य है?

फिल्म मेकर अनुराग कश्यप ने भी योगी सरकार के आरोप प्रत्यारोप पर गुस्सा दिखाते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है कि “यह बहुत पुरानी रणनीति है, अपनी गलती को मत स्वीकार करो, अपना कीचड़ दूसरों पर फ़ेंक दो और इलज़ाम दूसरों पर डाल दो..”

डॉ कफ़ील की बर्खास्तगी को लेकर मीडिया के बड़े हल्के में भी गुस्सा है. इंडिया टुडे समूह के DailyO नामक न्यूज़ पोर्टल ने ट्वीट किया है कि “डॉ कफ़ील की बर्खास्तगी जिन्होंने कई जिंदगियां बचाई न्याय का अपमान है”

मशहूर न्यूज़ पोर्टल फर्स्टपोस्ट ने ट्वीट में लिखा है कि अगर #DrKafeelKhan न होते तो मौत की संख्या और अधिक होती.

अक्षय मराठे का ट्वीट थोड़ा अलग ही है और यह ट्वीट शायद डॉ कफ़ील को अपराधी बनाने की कोशिश के ख़िलाफ़ है. मराठे ने ट्वीट किया है कि “ऐ मुस्लिम, हीरो हीरो खेलने का प्रयास न करो, यह उनकी कहानियों से मेल नहीं खाता. वह तुरंत कहानी बदल देंगे और तुम्हें राक्षस बना देंगे.

अक्षय मराठे ने जो कहा वह भी सोशल मीडिया पर चल रहा है. कुछ लोगों ने डॉ कफ़ील पर रेपिस्ट होने से लेकर सरकारी नौकरी में रहते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करने का भी आरोप लगाया है और पूरा प्रयास है कि किसी मुसलमान को हीरो न बनाया जाए.

संदीप घोष ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट को शेयर करते हुए ट्वीट में लिखा है कि “दिलचस्प, “देशभक्त” कफ़ील खान अपनी दंत-चिकित्सक पत्नी के नाम से बच्चों का अस्पताल चला रहे थे.” इस रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि वह अपनी दंत-चिकित्सक बीवी के नाम से अस्पताल चला रहे थे और बी आर डी अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई के इंचार्ज खान और मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक आर के मिश्रा ही थे.

कुछ ट्वीट यह भी कह रहे हैं कि वह रेपिस्ट थे हालांकि डॉ कफ़ील के रेपिस्ट होने को ले कर जिस अखबार की रिपोर्ट दिखाई जा रही है वह उत्तर प्रदेश में एक विशेष समुदाय के खिलाफ रिपोर्टिंग करने को लेकर कई मामलों में पहले ही से बदनाम है. इन ट्वीट पर बाबु भाई प्रसिद्द अभिनेता और भाजपा सांसद परेश रावल ने भी समर्थन किया है. उन्होंने भाजपा की नेता के रेपिस्ट होने वाले एक ट्वीट को दोबारा ट्वीट करते हुए लिखा है कि “हाँ, वह खोखला करने वाले कुछ दीमकों को एक हीरो लग रहा है।“

इन सबके बावजूद मरीज़ के परिजनों से घिरी डॉ कफ़ील की यह चित्र उनके इंसान होने का सबूत देने के लिए पर्याप्त है.

उत्तर प्रदेश मुख्य मंत्री योगी द्वारा डॉ कफ़ील की बर्खास्तगी को भाजपा में भी कई लोगों ने पसंद नहीं किया. बिहार के एक भाजपा कार्यकर्त्ता ने अपना नाम न छापने की शर्त पर यह कहा कि “अगर योगीजी ने डॉ कफ़ील को बर्ख़ास्त न करके उसको सम्मानित करने का काम किया होता हीरो आज योगी जी खुद होते”

 

 

 

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1 Comment

  1. Bahut badhiya. Dr Kafeel ko poora des maseeha manta hai. Ab sajis yh hai Ki Dr ka kisi tarh se villain bna do jiske lie India TV aur NDTV donon ko fees mil gya hoga

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