केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी राफेल डील से जुड़े दस्तावेज़




राफेल डील मामले में केंद्र सरकार ने आज सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट को सौंपा है। साथ ही सौदे की कीमत से जुड़े दस्तावेज़ याचिकाकर्ताओं को भी सौंपे गएँ हैं।

केंद्र ने बताया है कि राफेल खरीद में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और कैबिनेट कमिटी ऑफ़ सिक्यूरिटी से अनुमति लेने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर हुए। पीटीआई के मुताबिक दस्तावेजों में कहा गया है कि फ्रांसीसी पक्ष के साथ बातचीत तकरीबन एक साल चली और समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी ली गई।

डील पर सवाल उठाने वाली याचिका पर सुनावई करते हुए शीर्ष अदालत ने इससे पहले केन्द्र सरकार से राफेल खरीद पर नीतिगत प्रक्रिया से जुड़े ब्योरे को सौंपने का आदेश दिया था। लेकिन, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय पीठ ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे सूचना के तौर पर यह जानकारी मांग रहे हैं।



गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अक्टूबर के सुनवाई को दौरान फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद पर केन्द्र सरकार से ब्योरा मांगा था। सुप्रीम कोर्ट ने एनडीए सरकार से कहा था कि वह 10 दिनों के भीतर सौपने का आदेश दिया था जिसके बाद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई कर रही तीन सदस्यीय पीठ ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे सूचना के तौर पर यह जानकारी मांग रहे हैं।

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