बिहार: गुंजन खेमका की हत्या से कारोबारियों में भय: शिवानन्द तिवारी




गुंजन खेमका जिनकी हत्या गुरुवार को उनकी फैक्ट्री के पास कर दी गयी (चित्र साभार: दैनिक जागरण)

बिहार में अपराध बदस्तूर जारी है. नीतीश कुमार और सुशिल मोदी की अपराध के मामले में असहनशीलता की छवि तब और धूमिल हो गयी जब बिहार के बड़े कारोबारी और भाजपा के नेता गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की हत्या गुरुवार को दिन दहाड़े वैशाली जिला के औद्योगिक थाना क्षेत्र में कर दी गयी. खेमका की हत्या से बिहार के कारोबारियों में भारी रोष है. आज पटना के गोविन्द मित्रा रोड में इस हत्या के विरुद्ध सर्जिकल सामान के विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखी.



मीडिया रिपोर्टे के अनुसार, गुंजन खेमका रविवार को छोड़कर सप्ताह में हर दिन अपने आवास गांधी मैदान, पटना से हाजीपुर जाते थे। साथ में केवल कार का चालक होता था। हाजीपुर की जीके कॉटन फैक्ट्री और एक्सेल पेपर फैक्ट्री में तीन-चार घंटे रुककर काम देखते थे और शाम होने के पहले ही वे पटना लौट आते थे।

हत्या के बाद खेमका के पटना आवास पर जमा नेतागण

हाजीपुर के औद्योगिक थानाक्षेत्र में गुंजन खेमका पर बाइक सवार एक अपराधी  ने उस समय गोलियों की बौछार कर दी, जब वो पटना से अपनी फैक्ट्री पर पहुंचे थे। अपराधी ने तीन गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली ड्राइवर को और दो गोली गुंजन खेमका को लगी और कार में ही उनकी मौत हो गई। घायल ड्राइवर को हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतक पटना के सबसे पुराने अस्पतालों में एक मगध हॉस्पिटल के मालिक होने के अलावा स्कूल और कई फैक्ट्रियों और मेडिकल स्टोर के भी मालिक हैं. खेमका डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बेहद करीबी रिश्तेदार और भाजपा के व्यवसायिक प्रकोष्ठ से भी जुड़े हुए हैं।

आज मृतक के पिता से मिलने उनके आवास पर उपेन्द्र कुशवाहा समेत विपक्ष के कई नेता इनके घर पहुंचे. राजद के वरिष्ठ नेता शिवानन्द तिवारी ने कहा है कि जिस प्रकार दिन-दहाड़े गुंजन खेमका की हत्या हुई उसने बिहार के कारोबारियों के मन में भय पैदा कर दिया है. इस माहौल में बिहार में आकर कोई पूँजी निवेश करेगा इसकी तो कोई सम्भावना ही नहीं बची है. आशंका है कि बिहार से कहीं पूँजी का पलायन न होने लगे.

उनहोंने कहा कि गुंजन कोई साधारण कारोबारी नहीं थे. सत्ता-प्रतिष्ठान से उनका गहरा जुड़ाव था. भाजपा के एक प्रकोष्ठ के प्रांतीय सदर थे. अपराधियों से हाथ जोड़कर अपराध न करने की विनती करने वाले रीढ़ विहीन उपमुख्यमंत्री के क़रीबी भी थे. शायद उन्हीं की वजह से भाजपा में उनको प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त था. लगातार फ़ोन पर उनको धमकी मिल रही थी. थाना में जानकारी दे चुके थे. वरीय पुलिस पदाधिकारियों से गुहार लगा चुके थे. इसकी जानकारी उन्होंने ज़रूर उन रीढ़ विहीन जी को भी दिया होगा. इसके बावजूद उनको सुरक्षा नहीं मिली. जबकि दो-ढाई वर्ष पूर्व गुंजन जी के भाई पर गोली भी चल चुकी थी.

उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भी सुशासन का अगर कोई दावा करता है तो उससे बड़ा बेशर्म किसको कहा जाएगा? इनके साथ क्या सलूक करना चाहिए, बिहार की जनता को अब तय करना होगा. आख़िर कहीं तो हद होगी!

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!