मैंने नेतृत्व के गुण क्रिकेट पिच से सीखे : नडेला




Microsoft CEO Satya Nadella with former Indian Cricket Captain Anil Kumble during the launch of his book, "Hit Refresh". Image Credit: Prokerala.com

-TMC Desk

नई दिल्ली, 7 नवंबर | सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला ने कहा कि उन्होंने भारत में क्रिकेट खेलने के दौरान ही नेतृत्व के गुण सीखे। नडेला के मुताबिक इससे उन्हें जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने में मदद मिली।

क्रिकेट पिच से मिली सीख के तहत माइक्रोसॉफ्ट में अपने 25 साल के करियर के दौरान उन्होंने अपनी टीम को प्राथमिकता दी और हर किसी में छिपी क्षमता को बाहर निकाला।

नडेला ने मंगलवार को अपनी एक किताब ‘हिट रिफ्रेश’ को लेकर अपने विचार साझा किए। इस समारोह में दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी अनिल कुंबले भी मौजूद थे। उन्होंने कुम्बले से चर्चा के दौरान कहा कि जीवन में सफलता के लिए आपको एक सहानुभूति की जरूरत होती है।

समारोह में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए नडेला ने कहा, “माइक्रोसॉफ्ट का मुख्य व्यवसाय उन सभी चीजों को देखती है, जो अनदेखी हैं और इसके साथ ही वह ग्राहकों की अनिर्धारित जरूरतों को पूरा करती है। अगर हमारे साथ सहानुभूति नहीं है, तो हम किसी भी तरह जीवन में सफलता हासिल नहीं कर सकते। मुझे इस बात का एहसास हुआ है कि सहानुभूति को विकसित करने की जरूरत है और यह लक्ष्य नहीं है।”

नडेला के बेटे जाएन का जन्म 1996 में हुआ था और वह मस्तिष्क पक्षाघात (सेरेब्रल पाल्सी) से ग्रसित था। इस घटना ने नडेला के पूरे जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया।

नडेला ने इस घटना से सहानुभूति की सीख हासिल की, जो उन्हें उनकी पत्नी से मिली। इसके बाद उन्होंने जाएन की बीमारी से उठने वाली चुनौतियों को देखने के बजाए उसके जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया।

उन्होंने कहा, “अगर आप ‘माइक्रोसॉफ्ट’ को देखें, तो इस कंपनी को 43 साल हो गए हैं। मैं पिछले 25 साल से इस कंपनी के साथ हूं और अब हर पांच साल में हमें किसी बाहरी चुनौती का सामना करना पड़ता है, लेकिन हम अब भी मजबूत खड़े हैं। इसका साफ मतलब यह है कि हम उस स्तर पर जो कुछ भी कर रहे हैं, वह सही है।”

इस समारोह में मौजूद कुंबले ने कहा देश के लोगों के लिए 1983 में मिली विश्व कप की जीत एक प्रेरणा का काम करती है। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए एक ‘हिट रिफ्रेश’ की तरह थी, जिसने लाखों लोगों को प्रोत्साहित किया।

–आईएएनएस

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