उत्तर प्रदेश के दलित सांसद ने मोदी को सुनाई अपनी पीड़ा, कहा दलितों और आदिवासियों के सम्मान की रक्षा कीजिए, आदित्यनाथ तो मुझे अपमानित कर भगा देते हैं




सांसद छोटे लाल लोक सभा में अपनी बात कहते हुए

नई दिल्ली, 5 अप्रैल, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक दलित सांसद, छोटे लाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायत करते हुए कहा कि आदित्यनाथ से जब वह पार्टी से संबंधित किसी समस्या को लेकर मिलने गए तो उनहोंने अपमानित कर भगा दिया।



पिछले महीने मोदी को लिखे एक पत्र में, उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज से भाजपा सांसद छोटे लाल ने स्थानीय कार्यकर्ता के बारे में शिकायत की थी, जो ब्लॉक-स्तर के चुनाव में प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की मदद कर रहे थे और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें हटा कर उनकी सीट पर प्रतिद्वंदी बीएसपी के किसी शख्स को भाजपा में शामिल कर लड़वाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

छोटेलाल ने कहा कि स्पष्ट रूप से यह मामला बस यह है कि कोई दलित किसी आम सीट से कैसे चुना गया।

छोटेलाल ने कहा कि वह भाजपा के उत्तर प्रदेश प्रमुख महेंद्र नाथ पांडे से “अपनी गरिमा को बचाने” के लिए तीन बार भेंट की। उन्होंने राज्य भाजपा के महासचिव सुनील बंसल और अन्य पार्टी के कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की, लेकिन कोई मदद नहीं की गयी।

“इसके बाद, मैंने दो बार मुख्यमंत्री से मुलाकात की, लेकिन मुझे कोई मदद नहीं मिली। बल्कि उनहोंने मुझे अपमानित करके भगा दिया,” छोटेलाल ने कहा।

भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी ने उन पर पिस्तौल तानी, धमकी दी, उनके खिलाफ अपमानजनक, जातिवादी भाषा का इस्तेमाल किया गया, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया।

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“कोई जवाब नहीं मिलने पर, मैंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को भी लिखा,” उन्होंने कहा।

“मैं आप से दलितों और आदिवासियों के सम्मान की रक्षा करने का अनुरोध करता हूं…” मोदी को लिखे अपने पत्र में उनहोंने कहा।

छोटेलाल जो फिल्म कलाकार और भोजपुरी गायक भी हैं ने मोदी को लिखे अपने पत्र में उन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है, जिन्होंने उनके अनुसार उन पर हमला किया था।

यह पत्र उस वक्त सामने आया जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम, 1989 को ‘कमजोर करने’ की साज़िश का आरोप भाजपा पर लगा रही है।

ऐसे यह पहला मौक़ा नहीं है जब यूपी के किसी नेता ने सीएम योगी से नाराजगी जताई है। इससे पहले बीजेपी की दलित सांसद सावित्री बाई फुले ने भी सरकार से नाराजगी जताई थी। ओम प्रकाश राजभर भी सीएम योगी से ख़फ़ा हैं।

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