गर्व से कहती हूँ कि गांधी को मैं मार देती अगर गोडसे ने नहीं मारा होता: हिन्दू अदालत की जज




राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या हिंदूवादी नाथूराम गोडसे ने भारतीय स्वतंत्रता के बाद 1948 में कर दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

गांधी के हत्यारे गोडसे की हिमायती अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा स्थापित हिन्दू अदालत की जज डॉ पूजा शकुन पांडे ने कहा कि अगर गांधी को गोडसे ने नहीं मारा होता तो मैं मार देती.

भारत में शरिया कोर्ट से प्रेरित होकर अब हिन्दू अदालतें भी बन चुकी हैं. और इन हिन्दू अदालतों के संस्थापक अखिल भारत हिन्दू महासभा का भी वही तर्क है जो तर्क शरिया कोर्ट के पक्षधर देते आए हैं. आज तक में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा का कहना है कि हिंदू अदालतों में जमीन विवाद, मकान और विवाह के मामले आपसी सहमति से सुलझाए जाएंगे. आश्चर्य की बात कि उन्होंने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती को नियमों को सार्वजनिक करने का दिन चुना है जिनके अनुसार ‘हिंदू अदालत’ काम करेंगी.

वहीँ, आज तक से बातचीत में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्र प्रकाश कौशिक ने कहा कि हिन्दू अदालतों में किस तरह की सुनवाई होगी यह अभी तय नहीं है. उनहोंने कहा कि वह वकीलों से राय ले रहे हैं.

एक तरफ यह हिन्दू महासभा 2 अक्टूबर जैसे पवित्र दिन (इनके लिए पवित्र है या नहीं लेकिन गांधी को राष्ट्रपिता कहने वालों के लिए यह पवित्र है) को अपने नियमों को सार्वजनिक करने के लिए चुना है तो दूसरी तरफ इस पहली हिन्दू अदालत की जज डॉ पूजा शकुन पांडे गांधी की हत्या करने की बात कर रही हैं. उनहोंने आज तक से बात चीत में कहा कि ‘मैं गर्व से कहती हूं कि अगर नाथू राम गोडसे से पहले मैं पैदा होती तो मैं ही गांधी को मार देती. यह भी सुन लीजिए, अगर आज भी कोई गांधी पैदा होगा जो देश बांटने की बात करेगा तो नाथू राम गोडसे भी इसी पुण्य भूमि पर पैदा होगा.’

हिंदू अदालत बनाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस मामले पर जानकारी मांगी है. वहीं कोर्ट ने डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट की कथित जज पूजा शकुन पांडे को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए भी नोटिस जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 11 सितम्बर को होगी.

अखिल भारत हिन्दू महासभा द्वारा पहला हिन्दू अदालत मेरठ में गठित किया गया है.

 

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