इमैनुअल मैक्रों ने राफेल मामले से खुद को किया अलग, कहा- नहीं था सत्ता में




देश में राफेल डील को लेकर विवादों का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र में मंगलवार को राफेल डील कहा कि जब भारत और फ्रांस के बीच 36 विमानों के लिए लाखों डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे, तब वे सत्ता में नहीं थे।

इमेनुअल मैक्रों ने कहा कि मैं पूरी तरह स्पष्ट करना चाहूंगा कि यह दोनों सरकारों के बीच की बातचीत है। मैक्रों पिछले साल मई में राष्ट्रपति बने थे।

आपको बताते चलें कि राफेल डील पर भारत में विवाद उस समय बढ़ा, जब पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने फ्रेंच मीडिया को जानकारी दी कि राफेल डील में रिलायंस डिफेंस को साझेदार बनाने का प्रस्ताव भारत सरकार ने दिया। इसके बाद कांग्रेस राफेल डील पर सवाल उठाते हुए कई दिन से भाजपा को घेर रही है।

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