बोधगया महाबोधि मंदिर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का हुआ आयोजन




बोधगया महाबोधि मंदिर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का हुआ आयोजन (फ़ोटो: सैयद फैजुर रहमान सुफी)
-सैयद फैजुर रहमान सुफी
बोधगया (बिहार), 21 जून, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटक स्थल बोधगया के विश्व धरोहर घोषित महाबोधि मंदिर परिसर में भारत पर्यटन विभाग, पटना द्वारा गुरुवार को चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस योग कार्यक्रम में आयुक्त मगध प्रमंडल टी एन विंधेश्वरी, डीएम अभिषेक सिंह, बीटीएमसी के सचिव एन दोरजी, गया एयरपोर्ट निदेशक दिलीप कुमार, बीटीएमसी के सदस्यगण, मुख्य बौद्ध भिक्षु चलिन्दा सहित हजारों लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत पर्यटन, पटना के निदेशक गोविंद च. भुयन ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत में योग का प्रचलन 5000 वर्ष पूर्व में हुआ। योग मनुष्य के मन और शरीर को नियंत्रित रखने के साथ ही स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि आज बिहार स्कूल ऑफ योग, मुंगेर के सन्यासी देवश्रद्धा द्वारा योगासन कराया जाएगा।
डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं। उन्होंने भारत पर्यटन को महाबोधि मंदिर परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर एक आइकोनिक स्थल है और यहां योग कार्यक्रम का आयोजन करने पर संपूर्ण विश्व को एक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का विश्व को एक अमूल्य देन है, जिसे हम भूल गए थे। अब पुनः प्रयास है कि पूरे विश्व में इसे फैलाया जाए। उन्होंने कहा कि योग के संबंध में लोगों में तरह तरह की भ्रांतियां हैं कि यह किसी संप्रदाय, किसी धर्म से जुड़ा है, जबकि ऐसा नहीं है। योग हर उम्र के लोग कर सकते हैं। ऐसा नहीं है कि किसी प्रकार की शारीरिक समस्या होने के उपरांत ही योग किया जाए। मन और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मन और शरीर स्वस्थ रहेगा तभी आप आध्यात्म की प्राप्ति कर सकते हैं। हमारे ऋषि-महर्षि ने अध्यात्म प्राप्ति के लिए योग का ही प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि हमारी नई पीढ़ी खासकर मध्य आयुवर्ग के लोगों में योग लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने कहा कि योग से शारीरिक समस्या का निदान तो होता ही है, आप अपने कार्य क्षेत्र में भी सफल होते हैं।उन्होंने इस अवसर पर इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी का धन्यवाद किया।
प्रमंडलीय आयुक्त टीएन बिंदेश्वरी ने कहा कि महाबोधि मंदिर विश्व का एक आइकॉन है। योग के रूप में आज भी महात्मा बुद्ध जीवित है। योग मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक रूप से व्यक्ति को मजबूत बनाता है। और जिसका मन और शरीर तंदुरुस्त होता है वही अध्यात्म की ओर जो ध्यान लगाता है। वही ज्ञानी होता है। उन्होंने कहा कि योग किसी धर्म विशेष से जुड़ा नहीं है। किसी भी संप्रदाय के लोग जो योग करते हैं, वह सभी एक ही है। उन्होंने कहा कि आप प्रतिदिन 15 मिनट का समय योग के लिए दें और अपने आप को स्वस्थ रखें।
सन्यासी देवश्रद्धा ने तिर्यक कटिचक्रासन सहित अन्य आसनों लोगों को योग करवाया।
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