क्या शंभूलाल रेगर का नफ़रत फैलाने वाला नया वीडियो स्क्रिप्टेड है?




-समीर भारती

नई दिल्ली, 20 फ़रवरी, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) । राजस्थान के राजसमन्द में बंगाली मज़दूर अफ़राज़ुल की हत्या करने के बाद हत्या का वीडियो बनाने वाले शंभूलाल रैगर को अभी कुछ महीने पहले ही हत्या के आरोप में भारत के अत्यंत सुरक्षित जेलों में से एक जोधपुर जेल में रखा गया था जहाँ से उसने अब एक नया वीडियो वायरल कर पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है.



इस वायरल वीडियो से जोधपुर जैसे सुरक्षित कहे जाने वाले जेलों की सुरक्षा की कलई तो खुली ही इसने पूरे भारतीय जेल सिस्टम की सुरक्षा को ठेंगा दिखा दिया.

सवाल केवल जेल में मोबाइल मौजूद होने का नहीं है. इसके अतिरिक्त एक बात यह भी महत्वपूर्ण है कि जोधपुर जेल में इस वीडियो को बनाने के बाद इसको वायरल कैसे किया गया?

किसी भी वीडियो को वायरल करने के लिए मोबाइल फ़ोन का होना, उसमें इन्टरनेट कनेक्शन का होना और कुछ संपर्क का होना आवश्यक है जहाँ इसे व्हाट्सऐप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सहायता से शेयर किया जाए.

दूसरी बात जो महत्वपूर्ण है वह यह कि जिस तरह से यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया इससे पता चलता है कि यह वीडियो बहुत ही निश्चिंतता के साथ रिकॉर्ड किया गया है और इस वीडियो को रेगर स्क्रिप्ट देखकर पढने की कोशिश कर रहा है. तो क्या यह वीडियो स्क्रिप्टेड है? और अगर है तो इस स्क्रिप्ट के पीछे क्या कारण हो सकता है?

इस वीडियो को देखने के बाद यह साफ़ है कि रेगर पहले से लिखे हुए टेक्स्ट को पढ़ रहा है. रेगर इस वीडियो में कहता है कि उसे जेल में सबसे सुरक्षित सेल में रखा गया है और उस सेल में वासुदेव नाम का ब्राह्मण कुछ दिन पहले लाया गया. शुरू में वह इस्लाम और मुस्लिम के ख़िलाफ़ बोल रहा था लेकिन शौच के समय उसके गुप्तांग पर जब मेरी नज़र पड़ी तो देखा कि उसका खतना किया हुआ है. रेगर का कहना है कि वह उसे ब्राह्मण बन कर मारने आया था लेकिन उसे इस बात का कोई डर नहीं है. अगर वह अपने धर्म के लिए मर सकता है तो वह भी अपने धर्म के लिए मर सकता है.

रेगर ने इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की और कहा कि मौजूदा सरकार ही लोकतान्त्रिक सरकार है. उसने पश्चिम बंगाल की जनता से मोदी को वोट देने की अपील भी की.

इस पूरे वीडियो को देख कर यह कहा जा सकता है कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे किसी राजनीति मंशा से ही जोधपुर जैसे सुरक्षित कहे जाने जेल से वायरल कराया गया है.

शंभूनाथ रेगर पर अफ़राज़ुल नाम के एक बंगाली मजदूर की हत्या का आरोप है जिसकी हत्या का पूरा वीडियो शंभूनाथ ने अपने भतीजे से बनवा कर वायरल किया था. बाद में उसे गिरफ्तार किया गया. गिरफ़्तारी के बाद इस व्यक्ति की गिरफ़्तारी के विरोध में कट्टरवादी हिन्दू संगठनों के सदस्यों ने उदयपुर न्यायालय के छत पर भगवा झंडा फहराया और पुलिस पर हमला कर कई पुलिसवाले को घायल कर दिया था. इसके अतिरिक्त, शंभू नाथ रेगर को सज़ा से बचाने के लिए कई लाख रुपए एकत्रित किए गए थे.

शंभूनाथ रेगर की गिरफ़्तारी के विरोध में कट्टरवादी हिन्दू सगठनों के सदस्य उदयपुर न्यायालय की छत पर भगवा झंडा फहराते हुए

हिंदुस्तान टाइम्स समेत अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने अफराज़ुल की हत्या का कारण शंभू का उसकी मुंह बोली बहन के साथ अवैध संबंध था जिसे उसने लव जिहाद का रंग दिया. इसका उल्लेख रेगर ने इस वीडियो में भी किया है.

यद्यपि यह भी हो सकता है कि यह स्क्रिप्ट उसने रिकॉर्ड करने से पहले स्वयं लिखा हो लेकिन इसको नकारा नहीं जा सकता कि इसमें जेल प्रशासन से चूक हुई है. देखना यह है कि इस चूक की सज़ा किसे मिलती है.

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