जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग बना ‘लोकतंत्र की हत्या’




जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार रात अचानक विधानसभा भंग कर दी। जिसके बाद जम्मू कश्मीर में मचे सियासी घमासान पर प्रदेश के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बड़ा बयान दिया है.

सत्यपाल मलिक ने कहा कि पिछले 15 दिनों से उन्हें विधायकों की खरीद फरोख्त की शिकायत मिल रही थीं. खरीद फरोख्त को खत्म करने के लिए ही उन्होंने विधानसभा को भंग करने का फैसला लिया.

राज्यपाल ने कहा कि ‘अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं वाली पार्टियों’ के जरिये स्थायी सरकार नहीं बनाई जा सकती है. बता दें कि पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को राज्यपाल के पास पत्र भेजकर सरकार बनाने का दावा किया था. हालांकि, यह पत्र राजनिवास पहुंचा इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.



हालांकि इस मामले लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के नेता शरद यादव ने जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा को भंग किए जाने की निंदा करते हुए इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया। उन्होंने कहा, “भाजपा के शासनकाल के दौरान देश में जो भी हो रहा है वह लोकतंत्र और जनादेश के खिलाफ है.”

उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में जम्मू एवं कश्मीर सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों को राज्य में प्रमुख राजनीतिक दलों की भागीदारी के बिना अनुमति दी जो लोकतंत्र का मजाक था. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को न तो देश के संविधान की चिंता है और न ही यहां के संस्थानों के प्रति सम्मान है.

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