बिहार एनडीए कैबिनेट के रत्न, किसी को राष्ट्रगान नहीं पता, तो कोई गणित में कमजोर तो किसी को प्रधानमंत्री का ही नाम नहीं पता




बिहार में एनडीए ने सरकार बना ली. मंत्रीमंडल भी बन गया. मंत्रीमंडल क्या पूरा नमूनों की मंडली बनी है. जो राष्ट्रगान नहीं गा सकता वह शिक्षा मंत्री है, जो 2020 को बीस हज़ार कहती हैं वह राज्य की उप मुख्यमंत्री बन गयी हैं. दुसरे नंबर के जो उप मुख्य मंत्री हैं उन्हें यशस्वी प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं पता. ऐसे में अगर बिहारियों की फिर से एक बार जगहंसाई हो तो अचरज कैसा?

शिक्षा मंत्री मेवालाल को नही आता राष्ट्रगान

सबौर कृषि विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर रहे और तारापुर के विधायक डॉ मेवालाल चौधरी को देश का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ नहीं आता जो पहली कक्षा से हर रोज़ बच्चों को अभ्यास कराया जाता है. यहाँ तक कि इसका अभ्यास मदरसे और गुरुकुलों में भी कम से कम साल में दो बार होता है. लेकिन बिहार राज्य के नए शिक्षा मंत्री जो कभी सबौर कृषि विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर भी थे और मनमाने ढंग से जूनियर वैज्ञानिकों की नियुक्ति की और भवन निर्माण में भी घोटाले किए, जिन पर कई धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज है और अभी वह बाईज्ज़त बरी भी नहीं हुए हैं को एक वायरल वीडियो में अपनी ही रचित राष्ट्रगान गाते हुए देखा जा सकता है. इसे राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ट्विटर अकाउंट से भी शेयर किया है.

ऐसे मेवालाल चौधरी को लेकर सियासत तो गर्म है ही उन पर एक और गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप लगाने वाला भी कोई मामूली इन्सान नहीं बल्कि अपने ज़माने के सिंघम स्टाइल आईपीएस अमिताभ कुमार दास हैं.

दास ने बाज़ाब्ता राज्य के डीजीपी को पत्र लिखा है और कहा है कि मेवालाल चौधरी की पत्नी की आग से जलने के कारण हुई मौत कोई दुर्घटना नहीं बल्कि यह राजनैतिक साज़िश थी.

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्हें सूचना मिली है कि 2 जून 2019 को मेवालाल चौधरी की पत्नी श्रीमती नीता चौधरी की मौत जलने से जो हुई थी वह अकस्मात नहीं बल्कि नियोजित थी.

उनहोंने डीजीपी से आह्वान किया है कि जिस तत्परता से राज्य सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच कराई थी उसी तत्परता से एसआईटी गठन करके श्रीमती चौधरी की मौत का भी पर्दाफाश करे.

उप मुख्यमंत्री रेणु देवी को 2020 कहना नहीं आता

बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रेणु देवी का हाल बिहार की पहली महिला मुख्यमन्त्री राबड़ी देवी से भी बुरा है. देवी जी को 2020 तक नहीं बोलना आता. एक वीडियो इंटरव्यू में उन्हें बीस सौ बीस को बीस हजार बीस कहते हुए सुना जा सकता है. अब सुन लीजिए क्या कह रही हैं.

ऐसे रेणु देवी ने एक साक्षात्कार में बताया कि वह आरएसएस पाठशाला की पढ़ी लिखी हैं. तो आप समझ लीजिए कि आरएसएस की पाठशाला में क्या पढाई होती है.

उप मुख्य मंत्री नंबर 2 की नज़र में नीतीश और सुशिल मोदी हैं प्रधानमंत्री

इसी तरह से राज्य के दुसरे नंबर के होनहार उप मुख्य मंत्री तारा किशोर प्रसाद हैं. इस बार नीतीश कुमार को दो दो उपमुख्य मंत्री मिले हैं उनका सहयोग करने के लिए. इनको तो देश के प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं पता. एक वायरल वीडियो में महाशय नीतीश बाबू और सुशिल मोदी को ही यशस्वी प्रधान मंत्री बता रहे हैं. वह तो भला हो कि बगल के किसी सज्जन का कि नरेंद्र मोदी का नाम फट से ले लिया वरना गिरिराज सिंह या योगी आदित्यनाथ का भी यशस्वी प्रधान मंत्री में नाम आ सकता था.

चलिए कोई बात नहीं, बिहार तो पहले भी चल ही रहा था. अब भी चल ही जाएगा. मोदी है तो ई सब मुम्किने हैं न!

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