कोयला घोटाला : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा दोषी करार




झारखंड मुख्यमंत्री को कोयला घोटाला मामले में 3 साल कारावास की सज़ा सुनाई है

-द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी डेस्क

नई दिल्ली, 13 दिसम्बर, 2017 | दिल्ली की एक अदालत ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और अन्य को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में बुधवार को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने कोड़ा, पूर्व कोयला सचिव एच.सी. गुप्ता, झारखंड के तत्कालीन मुख्य सचिव ए.के. बसु और निजी कंपनी विनी आयरन एवं स्टील उद्योग लिमिटेड (विसुल) को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का दोषी पाया है।

इस मामले में सजा की घोषणा गुरुवार को की जाएगी।


यह फैसला विनी आयरन एंड स्टील उद्योग लिमिटेड (विसुल) को झारखंड का राजहरा उत्तरी कोयला ब्लॉक आवंटित किए जाने के मामले में आया है।

हालांकि, न्यायाधीश ने चार आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इनमें विसुल के निदेशक वैभव तुलस्यान, दो लोकसेवक बसंत कुमार भट्टाचार्य और बिपिन बिहारी सिंह और चार्टर्ड अकाउंटेंट नवीन कुमार तुलस्यान शामिल हैं।

इसे अंग्रेज़ी में भी पढ़ें: Jharkhand ex-CM Madhu Koda, others convicted in coal scam case

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोड़ा, गुप्ता और अन्य पर विसुल को कोयला ब्लॉक आवंटित करने में अनियमिता बरतने का आरोप लगाया था।

सीबीआई ने दावा किया था कि विसुल ने आठ जनवरी, 2007 को राजहरा उत्तरी कोयला ब्लॉक के आवंटन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, झारखंड सरकार और इस्पात मंत्रालय ने इस मामले की सिफारिश नहीं की थी, बल्कि एक अनुवीक्षण समिति ने कंपनी को ब्लॉक आवंटित किए जाने की सिफारिश की।

एजेंसी ने कहा था कि अनुवीक्षण समिति के तत्कालीन अध्यक्ष गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस तथ्य को छुपाया कि झारखंड ने कोयला ब्लॉक के आवंटन के लिए विसुल की सिफारिश नहीं की है। मनमोहन सिंह उस समय कोयला मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे थे।

-आईएएनएस

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