मौलाना असरारूल हक कासमी हुए सुपुर्द-ए-खाक




कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के किशनगंज से सांसद और राज्य से जमीयत उल्मा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना असरारूल हक कासमी का शुक्रवार सुबह दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता असरारुल हक कासमी का जन्म 15 फरवरी, 1942 को हुआ था और वह वर्ष 2009 और 2014 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। कासमी अकेले ऐसे उम्मीदवार थे जिंहोंने प्रदेश में सबसे अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

किशनगंज उनके पैतृक गांव ताराबाड़ी में सुपुर्द-ए-खाक की रस्म अदा की गई। किशनगंज सांसद मौलाना असरारुल हक कासमी को नम आखों से लोगों ने दी विदाई, नमाज ए जनाजा में लाखों लोग हुए शामिल, इस मौके पर जिला प्रशासन, रिश्तेदार, प्रशंसक के अलावा कांग्रेस नेता शकील अहमद, बंगाल सरकार के मंत्री गुलाम रब्बानी, सहित दर्जनों नेता भी शामिल रहें।



कासमी की शिक्षा दारुल उलूम देवबंद में में हुई थी, जहां से उन्होंने स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी और वह ‘जमायत उलेमा-ए-हिंद’ के प्रदेश अध्यक्ष भी थे। वह ‘ऑल इंडिया मुसलिम पर्सनल लॉ ‘बोर्ड के सदस्य होने के साथ ही ‘ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल’ के अध्यक्ष भी थे। सीमांचल में शिक्षा के विकास में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है।

 

 

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