#MeToo यौन उत्पीड़न मामले में मेनका गांधी ने अपनाया कड़ा रुख दिया जांच का आदेश




हाल ही में मीटू अभियान के तहत आकाशवाणी में यौन उत्पीड़न के मामलों का सही ढंग से निवारण नहीं करने की कई शिकायतें आई हैं। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से आकाशवाणी में यौन उत्पीड़न की हालिया शिकायतों के निपटारे के लिए संवेदनशील और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

मेनका गाँधी द्वारा राठौड़ को लिखे पत्र में कहा गया है कि कुछ महिलाओं ने उचित प्राधिकार के समक्ष शिकायत की थी। लेकिन लगता है कि कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, किसी भी संगठन में यह सामान्य चलन होता है कि यौन उत्पीड़न की शिकायत करने के साथ ही अस्थायी महिला कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया जाता है।



साथ ही उन्होंने साफ़ तौर पर ये कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न विरोधी कानून हर मामले में बराबर से लागू होता है चाहे महिला कर्मचारी स्थायी हो या अस्थायी। मुझे भरोसा है कि आप इन शिकायतों को देखेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे कि आकाशवाणी में ऐसे किसी भी शिकायत के निवारण के लिए संवेदनशील एवं निष्पक्ष व्यवस्था होगी।

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!