पटना विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह के अवसर पर मोदी की नीतीश को गूगली




पटना विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह के अवसर पर प्रधान मंत्री मोदी और साथ में मुख्य मंत्री नीतीश कुमार

पटना, 14 अक्टूबर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां शनिवार को बिहार के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि विरासत ही समाज की प्रेरणा होती है। समृद्ध इतिहास ही भावी इतिहास को गढ़ने की प्रेरणा देती है। पटना विश्वविद्यालय (पीयू) को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि पटना विवि को देश के 20 चुनिंदा विश्वविद्यालयों में शामिल किया जाएगा। पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह को यहां संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “पटना विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय से भी आगे ले जाना है, इसे चुनिंदा 20 विश्वविद्यालयों में शामिल किया जाएगा।”



उन्होंने कहा, “देश के 10 निजी और 10 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार एक योजना लाएगी, इन विश्वविद्यालयों को सरकार के बंधन से मुक्ति देनी होगी। इन दोनों प्रकार के विश्वविद्यालयों को अगले पांच सालों में 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।”

इन विश्वविद्यालयों को इसे चुनौती के रूप में लेना होगा और अपने सामथ्र्य को सिद्ध करना होगा। उन्होंने इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय से आगे की सोच बताते हुए कहा कि पटना विवि को इसमें आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि एक समय था, जब हम विश्वविद्यालय और कॉलेजों में सीखने के लिए जाते थे, परंतु वह युग समाप्त हो चुका है। आज विश्वविद्यालय जिस तेजी से बदल रहे हैं और मानव की सोच का दायरा बदल रहा है, तकनीकी का प्रवेश जीवन को परिवर्तित कर रहा है। यह विश्वविद्यालय के लिए एक चुनौती है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में पटना विवि के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए इस विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग की थी। इसके जवाब में प्रधान मंत्री ने कहा कि हम इसे दुनिया के चुनिन्दा विश्वविद्यालय का दर्जा दिलवाना चाहते हैं। राजनैतिक विश्लेषक इसे प्रधानमंत्री का महज़ गूगली मानते हैं।  

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार की समृद्ध विरासत रही है। उन्होंने प्राचीन नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की चर्चा करते हुए कहा कि जितनी पुरानी यहां गंगा धारा बहती है, उतनी ही पुरानी यहां ज्ञान धारा भी बहती है।

उन्होंने कहा कि प्रारंभ से ही बिहार ज्ञान की धरती रही है। इसे सरस्वती के साथ ही अब लक्ष्मी की भी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विकास के प्रति प्रतिबद्ध बिहार सरकार और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के प्रति संकल्पित केंद्र सरकार बिहार को 2022 तक विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के प्रति दृढ़ संकल्पित है।

मोदी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय इस बात का सुबूत है कि जो बीज सौ साल पहले यहां बोया गया था, आज वह भारत के विकास में भी योगदान कर रहा है।

मोदी ने पटना विश्वविद्यालय परिसर में आने वाले पहले प्रधानमंत्री का गौरव हासिल करने पर कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री हमारे लिए कुछ अच्छे काम का मौका छोड़ कर गए और आज मुझे ये मौका मिला है कि मैं इस ऐतिहासिक विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह दिवस में मौजूद हूं और मुझे यहां के छात्रों को संबोधित करने का मौका मिला है।”

इससे पूर्व मोदी के पटना हवाईअड्डे पर पहुंचने पर बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री पटना विवि के कार्यक्रम में भाग लेने के बाद नवनिर्मित बिहार संग्रहालय देखने गए। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक गाइड की भूमिका में यहां रखे ऐतिहासिक वस्तुओं के इतिहास के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। गौरतलब है कि पटना संग्रहालय से कई ऐतिहासिक वस्तुओं को यहां लाया गया है।

बिहार की सत्ता से महागठबंधन को बेदखल करने और राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की यह पहली सार्वजनिक सभा रही।

–आईएएनएस

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