यूपी की राजनीति का दूसरा नाम एनडी तिवारी का निधन




उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी का निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे, दिल्ली के साकेत में मौजूद मैक्स हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांसें ली. कांग्रेस अध्यक्ष समेत कई बड़े नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख जताया है.

वह भारत के पहले ऐसे नेता थे जो दो राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. तिवारी 2002 से 2007 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे. वह तीन बार यूपी और एक बार उत्तराखंड के सीएम रहे. आंध्रप्रदेश के राज्यपाल भी रहे.

1925 को नैनीताल जिले के बलुती गांव में पैदा हुए पर महात्मा गांधी का इतना असर हुआ कि इन्होंने अपनी नौकरी तक छोड़ दी और असहयोग आंदोलन से जुड़ गए. .

तिवारी की शिक्षा हल्द्वानी, नैनीताल और बरेली में हुई.1952 में तिवारी नैनीताल सीट से चुनाव लड़े और जीत गए और यूपी की पहली विधानसभा के सदस्य बने. सन 1965 में तिवारी काशीपुर विधानसभा से चुनाव लड़े और जीत गए और उन्हें पहली बार उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में जगह मिली. तिवारी 1976 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और यह सरकार 1977 को गिर गई. तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के एक बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने हैं. लेकिन 2007 में उत्तराखंड चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ ही उनका राजनीतिक करियर खत्म हो गया.

तिवारी दिग्गज राजनीतिज्ञ थे लेकिन सेक्स स्कैंडल से घिरे होने और रंगीले व्यक्तित्व के होने के कारण वह सार्वजनिक जीवन में बदनाम हो गए. उनकी यह छवि उनके राजनीतिक करियर के खात्मे की वजह बनी.

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