नसीरुद्दीन शाह के देश के माहौल पर आये बयान को लेकर क्यों बढ़ रही बेचैनी…




पटना: लोजपा कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, पटना, शुक्रवार, 21 दिसम्बर, 2018 में हिंसा पर अपनी टिप्पणी के लिए बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के खिलाफ विरोध (PTI फोटो)

नसीरुद्दीन शाह ने देश के माहौल को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक बहस तेज़ हो चुकी है। दरअसल एक इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने कहा था, ‘जहर फैलाया जा चुका है और अब इसे रोक पाना मुश्किल होगा। इस जिन्न को वापस बोतल में बंद करना मुश्किल होगा। जो कानून को अपने हाथों में ले रहे हैं, उन्हें खुली छूट दे दे गई है। कई क्षेत्रों में हम यह देख रहे हैं कि एक गाय की मौत को एक पुलिस अधिकारी की मौत से ज्यादा तवज्जो दी गई।’

वही इस बयान के बाद अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल में फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कार्यक्रम पर्याप्त सिक्यूरटी और सुरक्षा का हवाला देते हुए उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

हालांकि नसीरुद्दीन शाह का कार्यक्रम रद्द होने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया है। गहलोत ने शनिवार को ट्वीट करके कहा कि यह दुखद है कि अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजकों ने नसीरुद्दीन शाह को कार्यक्रम के उदघाटन सत्र में इस आलोक में न आने की सलाह दी कि वहां कुछ विरोध हो सकता है। हमारा प्रशासन फेस्टिवल को शांतिपूर्ण ढंग से संचालन के लिए सुरक्षा देने में तत्पर था। हमारी सरकार सभी नागरिकों अधिकार और स्वतंत्रता का सम्मान करती है।



वही इस मामले में अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार नकवी ने शनिवार को कहा कि मैं समझता हूं कि उनकी भावनाएं सही हो सकती हैं लेकिन उनके शब्दों का संभवत: गलत मतलब निकाला गया और तिल का ताड़ बनाया गया। सहिष्णुता और भाईचारा हमारे देश के डीएनए में है। इस मजबूत विरासत को नष्ट करने में कोई भी सफल नहीं हुआ।’

नसीरुद्दीन के काफी अच्छे दोस्त माने जाने वाले अनुपम खेर का काफी चौकाने वाला बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा कि आखिर और कितनी आजादी चाहिए? खेर ने कहा कि देश में इतनी आजादी है कि सेना को अपशब्द कहे जा सकते हैं। एयर चीफ की बुराई की जा सकती है।

 

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