पाकिस्तान ने हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए अपने प्रांतीय मंत्री को बर्खास्त किया




पाकिस्तानी मंत्री फैयाज़ अल हसन चौहान (फोटो: सोशल मीडिया)

पाकिस्तान सरकार ने मंगलवार को अपने प्रांतीय मंत्री को हिंदुओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए बर्खास्त कर दिया.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब के प्रांतीय सूचना मंत्री फैयाज चौहान ने भारत के विरुद्ध अपने जोशीले भाषण में सोमवार को हिंदुओं को मूत्र पीने वाला कहा. मुस्लिम-बहुल पाकिस्तान में 40 लाख से अधिक की संख्या में हिन्दू रहते हैं.

इस बयान की सोशल मीडिया पर निंदा की गई साथ ही प्रधान मंत्री इमरान खान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा इसे देश के हिंदू अल्पसंख्यक को आहत करने वाला बयान बताया।

चौहान ने बाद में कहा कि उनकी टिप्पणियों का उद्देश्य भारत के हिन्दुओं से था न कि पाकिस्तानी हिन्दुओं से.

पीटीआई की पंजाब सरकार ने फ़ैयाज़ चैहान को हिंदू समुदाय के बारे में अपमानजनक टिप्पणी के बाद पंजाब सूचना मंत्री के पद से हटा दिया है। किसी के धर्म को बुरा भला कहना किसी भी बात-चीत का हिस्सा नहीं होना चाहिए. सहनशीलता पाकिस्तान की बुनियाद का पहला और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। ”पीटीआई ने ट्विटर पर कहा।

पुलवामा आतंकी हमले में 40 से अधिक जवानों की शहादत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले महीने तनाव बहुत बढ़ गया था. इसकी ज़िम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद ने ली थी जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुस कर आतंकी ठिकानों पर बमबारी किया था.

पाकिस्तान द्वारा पिछले हफ्ते एक भारतीय पायलट को रिहा करने के बाद स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया था. पाकिस्तान ने इसे “सद्भावना की कारवाई” कहा था।

उमर अब्दुल्लाह ने इस अवसर पर भाजपा नेता और मेघालय के राज्यपाल के बयान का ज़िक्र करते हुए भाजपा की सरकार पर निशाना साधा.

“पाकिस्तान में हिन्दुओं के खिलाफ बयान देने के लिए राज्य मंत्री को बर्खास्त कर दिया जाता है. भारत में, राज्य के एक गवर्नर सभी कश्मीरी मुस्लिमों का बहिष्कार और निष्कासित करने की बात करते हैं और उनकी निंदा भी नहीं की जाती. हम पाकिस्तान के साथ इस तथ्य को लेकर भी खुद की तुलना करना चाहते हैं,” उन्होंने ट्वीट किया.

तथागत रॉय ने कश्मीरी उत्पादों के बहिष्कार की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि “यह अपील भारतीय सेना के एक रिटायर्ड कर्नल की है: कश्मीर न जाएं, अगले 2 साल तक अमरनाथ यात्रा पर न जाएं. कश्मीर एम्पोरिया या कश्मीरी व्यापारियों से सामान न खरीदें जो हमेशा जाड़ा में आते हैं. हर कश्मीरी चीज़ का बहिष्कार करें. मैं इससे सहमत होने के लिए विवश हूँ.

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