गुजरात राज्य सभा चुनाव में अहमद पटेल ने दी अमित को शाह मात: पटेल पांचवी बार राज्य सभा में




अहमद पटेल

6 घंटे देर से ही सही, अहमद पटेल की राज्य सभा में पांचवीं बार सीट पक्की हो गयी। सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और कांग्रेस के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक अहमद पटेल को इस जीत के लिए पूरी भाजपा और ख़ास कर अमित शाह के छल बल दल से टक्कर लेना पड़ा।

इस चुनाव में तीन राज्य सभा सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पूर्व कांग्रेसी नेता बलवंत सिंह राजपूत चुनावी मैदान में थे। अमित शाह और स्मृति इरानी का जीतना पक्का था क्योंकि भाजपा के पास उनके लिए गुजरात विधान सभा में पहले से आंकड़ा सुरक्षित था। टक्कर पूर्व कांग्रेसी और मूलतः संघी बलवंत सिंह राजपूत (पढ़िए जनसत्ता की यह रिपोर्ट) और अहमद पटेल के साथ थी।

भाजपा ने अहमद पटेल को हराने के लिए कथित रूप से कांग्रेस विधयाकों की खरीदारी का भरपूर प्रयास किया था। कांग्रेस में हुए अचानक विद्रोह का कारण भी भाजपा प्रायोजित ही समझा जाता है जिसके कारण कांग्रेस को अपने विधायको को बैंगलोर के एक रिसोर्ट में रखना पड़ा था। कांग्रेस को इस बात का पूरा डर था कि अगर कांग्रेस विधायक गुजरात में रहे तो अमित शाह उन्हें किसी भी कीमत पर खरीदने का प्रयास करेंगे।

ज्ञात रहे कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकरसिंह वाघेला ने चुनाव से महिना भर पहले ही इस्तीफ़ा दिया था जो कांग्रेस की ओर से गुजरात विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता थे। कथित रूप से इनके नेतृत्व में की गयी साज़िश में छ और कांग्रेस विधयाकों ने कांग्रेस को जय श्री राम कह दिया था। इनमें से तीन भाजपा में शामिल हो गए थे जिनमें से एक बलवंतसिंह राजपूत को अहमद पटेल के विरुद्ध भाजपा ने अपना समर्थन दिया था जो हार गए।

इस राज्य सभा की जीत की अहमियत का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक ओर अमित शाह के नेतृत्व में जहाँ पूरी भाजपा की टीम पटेल को बाहर रखने में लगी थी वहीँ पूरी कांग्रेस की टीम उनकी राज्य सभा में वापसी सुनिश्चित करने में लगी थी।

कांग्रेस को अमित को शाह मात देना असंभव होता अगर चुनाव आयोग ने उन दो कांग्रेसी नेताओं को अयोग्य नहीं ठहराया होता जिन्होंने कथित रूप से अपना वोट भाजपा को करने के बाद बैलट पेपर को सबूत के तौर पर भाजपाई एजेंट को दिखाया था।

अहमद पटेल ने अपनी जीत को सच की जीत बताई। उनहोंने परिणाम की घोषणा के बाद ट्वीट करके सत्यमेव जयते कहा और कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं को बधाई दी। उनहोंने अपने ट्वीट में कहा कि “यह केवल मेरी जीत ही नहीं। यह पैसे, ताक़त और राज्य तन्त्र के खुलेआम दुरूपयोग की हार है।” उनहोंने अपने एक और ट्वीट में कहा कि “भाजपा का निजी शत्रुता और राजनीतिक आतंक का चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। गुजरात की जनता आगामी विधान सभा चुनाव में इसका करारा जवाब देगी।”

अहमद पटेल के ट्वीट

प्रधान मंत्री ने अपने ट्वीट के माध्यम से अमित शाह और स्मृति ईरानी को राज्य सभा जीत की बधाई दी।

प्रधानमन्त्री का ट्वीट

 

 

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