Photos: चुनावी Fool




जेल और बेल वालों से भाजपा उम्मीदवार की सांठ-गाँठ

इस तस्वीर को देखिए – इस तस्वीर में एनडीए के बेगुसराय सीट से उम्मीदवार भाजपा के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह कह रहे हैं कि मेरी लड़ाई जेल और बेल वालों से है. ठीक पीछे बैठी हैं जेलयाफ़्ता एनडीए की पूर्व मंत्री मंजू वर्मा जो कुख्यात मुज़फ्फरपुर शेल्टर होम से संबंधित आर्म्स एक्ट में जेल में बंद थीं और अभी बेल पर हैं. पति महोदय इस काण्ड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के सह-अभियुक्त हैं और अब भी जेल में बंद हैं.

पूरे पांच साल मुंबई की मायानगरी से सीधे पहुंची गेहूं के खेत ड्रीम ग्रिल

यह हैं ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी. भाजपा से एनडीए की मथुरा सीट से प्रत्याशी. पांच साल अपने संसदीय क्षेत्र की खबर भी इन्होंने शायद ही कभी ली. कार्यकर्त्ता नाराज़ थे कि ड्रीमगर्ल को केवल उनकी जनता ने सपना में ही देखा होगा पांच साल. मीडिया ने खबर सूत्रों के हवाले से खबर छापी थी कि मथुरा की आबोहवा में प्रदुषण बहुत है इसी लिए नहीं आती थी वह. फिर से सपना दिखाने आ धमकी हैं और वह भी एक दम से गेहूं के खेत में

यह हैं संबित पात्रा – पहले टीवी पर नौटंकी करते थे अब घर घर जाकर दिखा रहे हैं

संबित पात्रा, डॉ संबित पात्रा, पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन भाजपा के खातिर वकालत में आ आ गए. टीवी पर यह प्राणी बहुत सक्रीय हैं. कभी कभी मिमिक्री भी करते पाए गए हैं. अब घर घर जा कर मनोरंजन कर रहे हैं. लोगों से खाना बनवा कर खा रहे हैं. इनका यह वीडियो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की पोल भी खोल रहा है. जिस घर में यह खाना खा कम खिला ज्यादा रहे हैं वहां गैस तो है लेकिन लकड़ी के जलने से निकलने वाला कार्बन मोनो ऑक्साइड एलपीजी यानी सिलिंडर वाला नहीं.

यह हैं उम्मीदवार इन्हें भी एक बार आज़मा ही लीजिए

यह हैं ललियाना के प्रधान पद के उम्मीदवार, सराब (शराब) वाले प्रत्यासी (प्रत्याशी). इनके वादे से आपको 2014 के 15 लाख हर खाते में, 2 करोड़ की नौकरियां, पेट्रोल के कम दाम, डॉलर के मुकाबले रुपया में तेज़ी, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, एक सिर के बदले 10 सिर वाले वादे याद आ गए होंगे.

कलयुग में भगवान मंदिर में नहीं, अपने क्षेत्र में वोट मांग रहे हैं

यह हैं भाजपा की ओर से एनडीए के उम्मीदवार सिद्धेश्वर स्वामी, भैया ई तो भगवान हैं जो कलयुग में अवतरित हुए हैं दुःख हरने. लेकिन बेचारे भगवान की पार्टी ने अब तक आम आदमी की कोई समस्या का हल नहीं किया. इन्होंने अपने महाराष्ट्र के सोलारपुर मतदाता को कहा कि छुट्टी में देवदर्शन मत जाना वहां भगवान नहीं मिलेंगे वह तो मैं ही हूँ. तो समझ गए न आप!

यह हैं नरेंद्र मोदी, यह जो खुद करते हैं वह नहीं चाहते कि दूसरा कोई प्रतिद्वंदी भी वही करे

इनको तो आप पहचानते ही होंगे मित्रों! यह हैं हमारे प्रधानमंत्री जो राहुल गांधी के दो सीट पर लड़ने को लेकर दुखी हैं जबकि पिछले लोक सभा चुनाव में यह खुद दो सीट पर लड़े थे. अटल बिहारी वाजपेयी ने तो तीन सीट पर चुनाव लड़ा था और मथुरा से उनका जमानत ज़ब्त तक हो गया था. खैर, आप यह बताएं कि आपकी तो लहर चल रही थी फिर आपने दो सीट पर चुनाव लड़कर जनता के पैसे का दुरूपयोग क्यों किया मित्र?

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