प्रधानमंत्री मोदी का बिहार को 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रुपए के विशेष पैकेज का अधूरा वादा




कल पटना में एनडीए की संकल्प रैली है. प्रधान मंत्री मोदी और नीतीश कुमार पहली बार राजद से अलग होकर साझा सरकार बनाने के बाद पटना में अपनी आपसी दुश्मनी भुला कर मंच साझा करेंगे. पटना में रैली की तैयारी जोर शोर से है. करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं. एनडीए के नेताओं का अनुमान है कि 7 से 8 लाख लोग इस रैली में आएँगे. पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री की यह सबसे पहली बड़ी रैली होगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने आज से साढ़े तीन साल पहले आरा के मैदान में बाबू कुंवर सिंह और जय प्रकाश नारायण का ज़िक्र करते हुए बिहार का भाग्य बदलने के लिए सवा लाख करोड़ रुपए के विशेष पैकेज का वादा किया था. तब वह विधान सभा चुनाव की रैली संबोधित कर रहे थे और नीतीश कुमार उनके साथ नहीं थे. उस समय नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की थी जिसके जवाब में ही प्रधान मंत्री ने इस पैकेज की घोषणा की गयी थी. इस पैकेज की घोषणा के बाद तब मौजूदा जनता से प्रधान मंत्री ने उनका आशीर्वाद भी माँगा था. बदकिस्मती से वह आशीर्वाद नहीं मिला और एनडीए की सरकार नहीं बनी. तत्कालीन एनडीए में भाजपा के अलावा लोजपा और हम प्रमुख पार्टियाँ थीं.

साढ़े तीन साल के बाद मोदी आम चुनाव से पहले बिहार में कल रैली को संबोधित करेंगे. क्या प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार को 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रुपए के जिस पैकेज की घोषणा आरा की रैली में किया था उसका हिसाब देंगे. या फिर नीतीश कुमार प्रधानमंत्री से उस पैकेज के बारे में पूछेंगे कि वह अपने वादे की रक़म बिहार को कब देंगे?

ज्ञात रहे कि प्रधान मंत्री मोदी ने पिछले विधान सभा चुनाव के दौरान बिहार के आरा में अगस्त 18, 2015 को एक रैली के दौरान बिहार को 1 लाख 25 हज़ार करोड़ रुपए देने का घोषणा किया था. तब नीतीश कुमार बिहार के लिए प्रधान मंत्री से विशेष पैकेज की मांग कर रहे थे. हालांकि, नीतीश कुमार के एनडीए में फिर से मिलने के बाद नीतीश कुमार ने इस मांग को कभी नहीं उठाया.

उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा था “भाइयों बहनों जब मैंने जिम्मेवारी ली थी उसके पहले मैं चुनाव में आया था दिल्ली के कारोबार का मुझे पता नहीं था बारीकियां मुझे मालूम नहीं थी लेकिन मैंने आकर बारीकियों को देखा. मेरे बिहार का भला करने के लिए क्या करना चाहिए एक एक चीज़ को छान मारा. तब मुझे लगा 50 हज़ार करोड़ रुपए से कुछ नहीं होगा. और आज मेरे बिहार के भाइयों बहनों, आज मैं आरा की धरती से भाइयो बहनों, आज मैं बाबू वीर कुंवर की पवित्र धरती से जय प्रकाश नारायण जी के आशीर्वाद से राजनीति जीवन में हमने जो संस्कार पाए हैं उस परिप्रेक्ष्य में जब खड़ा हूँ तब मैं आज बिहार के पैकेज की घोषणा यहीं से करूंगा. करूं? करूं? 50 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं. 60 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं, 70 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं, 75 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं, 80 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं, 90 हज़ार करूं कि ज्यादा करूं, मेरे भाइयों बहनों मैं आज वादा करता हूँ दिल्ली सरकार, कान बराबर ठीक रख कर सुन लीजिए, दिल्ली सरकार सवा लाख करोड़ रुपया का एलान करती है, बिहार का भाग्य बदलने के लिए सवा लाख करोड़ रुपया भाइयो बहनों.”

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार, 2016 के दिसम्बर में मुंबई में रहने वाले आरटीआई कार्यकर्त्ता अनिल गलगली ने वित्त मंत्रालय से मोदी के विभिन्न राज्यों को वादा किए गए विशेष पैकेज का विवरण माँगा था. जिसमें तब यह बताया गया था कि 18 महीने बाद भी बिहार को उस पैकेज का एक रुपया नहीं मिला.

Liked it? Take a second to support द मॉर्निंग क्रॉनिकल हिंदी टीम on Patreon!




Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*