‘जीत की गारंटी’ माने जाने वाले प्रशांत किशोर जदयू में शामिल




अभी तक पेवेलियन में बैठकर खिलाडि़यों के लिए काम करते प्रशांत किशोर अब खुद ही फ्रंटलाइन पर खुलकर खेलने वाले हैं। प्रशांत किशोर रविवार को पटना में जदयू की राज्य कार्यकारिणी की अहम बैठक में जदयू में शामिल हो चुके हैं।

प्रशांत किशोर अपने सियासी सफर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से करने जा रहे हैं। पार्टी सुप्रीमो व मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में वे विधिवत रूप से जदयू में शामिल हो गए। इस दौरान पार्टी के सभी वरीय नेता मौजूद होने के साथ-साथ पार्टी की बैठक सीएम नीतीश कुमार के आवास पर ही चली।

पिछले हफ्ते एनडीटीवी ने खबर के मुताबिक प्रशांत किशोर राजनीति में आ सकते हैं और अब से वह किसी भी राजनीतिक दल की रणनीतिक तौर पर मदद नहीं करेंगे।

प्रशांत किशोर का नाम सुर्खियों में पहली बार 2014 में सामने आया था, जब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लिए चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई। साल 2014 में भाजपा की जीत तो हो गई, लेकिन प्रशांत किशोर की पार्टी से दूरियां बढ़ गईं। इसके बाद उन्‍होंने अपने गृह राज्‍य बिहार में 2015 के विधानसभा के चुनाव में विपक्षी महागठबंधन के लिए काम किया। इस चुनाव में भी उनकी रणनीति सफल रही। जब महागठबंधन की सरकार गिरा नीतीश कुमार फिर भाजपा के साथ गए तो देोनेां के बीच दूरियों की खबरें भी आती रहीं। लेकिन इन सभी के बाद प्रशांत किशोर अपनी पहली सियासी पारी शुरू करने जा रहे हैं।

पीके की जेडीयू में इंट्री के बाद इस बात के भी कयास लगने शुरु हो गये हैं कि उन्हें जेडीयू बक्सर सीट से एनडीए का उम्मीदवार बनायेगी।

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