राजस्थान उपचुनाव: कांग्रेस विधान सभा और लोक सभा दोनों जीती




राज्य में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए इस चुनाव को सेमीफाइनल माना जा रहा था। वसुंधरा राजे के राज में भाजपा को हो रहे नुकसान से कांग्रेस उत्साहित है। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाताओं ने धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म की राजनीति करने वाली भाजपा को अस्वीकार कर दिया है।

नई दिल्ली, 01 फरवरी, 2018 (टीएमसी हिंदी डेस्क) | केंद्र की भाजपा सरकार का बजट पेश होने के दिन कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को राजस्थान की मंडलगढ़ विधानसभा सीट भाजपा से छीन ली और राज्य की अजमेर व अलवर लोकसभा सीटों पर भी विजयी रही। इस जीत को लेकर विपक्षी पार्टी में जश्न शुरू हो गया है। इससे साबित हो गया कि ‘घर घर मोदी’ का तिलिस्म अब टूट रहा है। कांग्रेस पार्टी के दफ्तर के बाहर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाए और ढोल-नगाड़े की धुनों पर नाचते नजर आए। कांग्रेस के उम्मीदवार विवेक धाकड़ ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शक्ति सिंह हाडा को 12,976 वोटों से हराया। इस जीत को लेकर मिठाइयां बांटी गईं।



निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि 29 जनवरी को हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार धाकड़ को 70,146 वोट मिले, जबकि हाडा को 57,170 वोट मिले।

यह चुनाव भाजपा विधायक कीर्ति कुमारी की बीते साल अगस्त में स्वाइन फ्लू की वजह से निधन के कारण खाली हुई सीट पर कराया गया।

अलवर से कांग्रेस के डॉ. करण सिंह यादव ने भाजपा के डॉ. जसवंत सिंह यादव के खिलाफ 196496 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं, अजमेर से कांग्रेस के डॉ. रघु शर्मा ने भाजपा के रामस्वरुप लांबा को 84414 मतों से हराया है। अलवर लोकसभा सीट पर कांग्रेस को 642416 वोट, तो भाजपा को 445920 वोट मिले। इधर, अजमेर लोकसभा सीट पर कांग्रेस को 611514 वोट और भाजपा को 527100 वोट मिले हैं।

तीन सीटों पर कुल 42 उम्मीदवार मैदान में थे। ये सभी सीटें भाजपा के पास थीं। अजमेर सीट पर 23 व अलवर में 11 उम्मीदवार मुकाबले में थे।

अजमेर सीट से भाजपा सांसद सांवरलाल जाट और अलवर से सांसद महंत चांदनाथ योगी निधन के कारण इन सीटों पर उपचुनाव हुए हैं।

राज्य में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए इस चुनाव को सेमीफाइनल माना जा रहा था। वसुंधरा राजे के राज में भाजपा को हो रहे नुकसान से कांग्रेस उत्साहित है। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाताओं ने धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म की राजनीति करने वाली भाजपा को अस्वीकार कर दिया है।

कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने कहा, “ताजा चुनाव नतीजों को देखते हुए राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।”

-आईएएनएस

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