राम मंदिर कांग्रेस अपने कार्यकाल में बनाएगी: हरीश रावत




कांग्रेस नेता और पूर्व उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत (फ़ोटो: एएनआई)

ऐसा लगता है कि आरएसएस और भाजपा से ज्यादा राम मंदिर के निर्माण के लिए अब कांग्रेस तत्पर है. ऐसा इसलिए क्योंकि राम मंदिर निर्माण पर हाल के दिनों में भाजपा और आरएसएस ने सक्रिय रूप से अधिकारिक तौर पर कहने से बचती रही हैं. विश्व हिन्दू परिषद और शिव सेना के राम मंदिर मुद्दे को भी भाजपा और आरएसएस का समर्थन न मिलने के कारण वह एक तरह से विफल रहा. इस से इतर, कांग्रेस के नेता कई बार कह चुके है कि राम मंदिर कांग्रेस कार्यकाल में ही बनेगा.



आज कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तभी राम मंदिर बनेगा. उनहोंने प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान एक कार्यक्रम में संघ में नंबर दो की हैसियत रखने वाले सरकार्यवाह भैयाजी जोशी के ब्यान के जवाब में कहा जिसमें जोशी ने कहा था कि राम मंदिर 2025 तक बन कर तैयार होगा.

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए अपने ब्यान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नेता भैयाजी जोशी ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे पर कहा, “हमारी ख्वाहिश है कि राम मंदिर का निर्माण 2025 तक हो जाए. अगर आज राम मंदिर का निर्माण शुरू होता है, तो पांच साल में पूरा हो जाएगा.” स्पष्ट है कि आरएसएस अभी राम मंदिर निर्माण को मुद्दा नहीं बनाना चाहती.

इस पर रावत ने कहा कि “मर्यादा का उल्लंघन करने वाले पापी हैं भाजपाई, जो मर्यादा का नष्ट करेंगे वो मर्यादा पुरुषोत्तम के भक्त नहीं हो सकते. हम मर्यादा स्थापित करने वाले लोग है संविधान का आदर करने वाले लोग हैं. कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तभी राम मंदिर बनेगा.”

हरीश रावत को यह भी बताना चाहिए कि वह अपने कार्यकाल में राम मंदिर बनाने को लेकर इतना आश्वस्त कैसे हैं. कहीं बाबरी मस्जिद कांग्रेस के इशारे पर विध्वंस की गयी थी यह तो उनका मतलब नहीं है.

कांग्रेस के दुसरे नेता शशि थरूर ने भी आज राम मंदिर निर्माण को लेकर एक तस्वीर ट्वीट किया है. इसमें दिखाया गया है कि राम मंदिर के लाए गए पत्थर 2009 से पड़े और हैं 2019 में भी वे पत्थर ऐसे ही पड़े हैं लेकिन भाजपा का मुख्यालय का निर्माण भव्य हो गया.

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